ग्रामीण उद्यमियों से किया गया राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का आह्वान

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नैनीताल, 21 सितंबर (हि.स.)। रीप यानी ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘स्वरोजगार एवं विपणन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों, स्थानीय उद्यमियों और अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला में उद्यमियों को स्थानीय बाजार तक सीमित न रहकर अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन माध्यमों के विस्तार के कारण बाजार अब किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है। ग्रामीण उद्यमी अपने उत्पाद देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों तक पहुंचा सकते हैं।

इसके लिए उत्पाद की गुणवत्ता के साथ ब्रांडिंग, आकर्षक एवं सुरक्षित पैकेजिंग, डिजिटल विपणन, ऑनलाइन बिक्री और ग्राहक सेवा पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई। प्रतिभागियों को सामाजिक माध्यमों, ई-वाणिज्य वेबसाइट, डिजिटल सूची और ऑनलाइन भुगतान सहित विभिन्न माध्यमों की जानकारी दी गई। उत्तराखंड के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कर बड़े बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

कार्यशाला में उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता, लागत निर्धारण, पैकेजिंग और बाजार से जुड़ाव के साथ स्वरोजगार, उद्यम स्थापना, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और क्षमता विकास से संबंधित सरकारी सहयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के सुझाव दिए।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यशाला से प्राप्त जानकारी को अपने उद्यमों में लागू करने तथा उत्पादों को स्थानीय बाजार से आगे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने का संकल्प लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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