नाबार्ड परियोजना से रामनगर के बुक्सा परिवारों को मिल रही नई आजीविका

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नाबार्ड परियोजना से रामनगर के बुक्सा परिवारों को मिल रही नई आजीविका


नैनीताल, 30 मई (हि.स.)। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों के विकास एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित नाबार्ड की जनजातीय विकास निधि (टीडीएफ) परियोजना नैनीताल जनपद के रामनगर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही है। लगभग 2.50 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना में नाबार्ड ने 1.55 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया है।

परियोजना के माध्यम से रामनगर ब्लॉक के थारी, राजपुर, पिपलसाना, बेरिया एवं ललितपुर गांवों के बुक्सा जनजाति परिवारों को आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत बाड़ी विकास, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, जल संरक्षण, महिला स्वरोजगार तथा क्षमता विकास प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। परियोजना के तहत 100 कृषकों को बाड़ी विकास तथा 100 परिवारों को बकरी पालन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में 20 जनजातीय कृषकों को बकरी पालन गतिविधि से जोड़ा जा चुका है तथा उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध करायी गयी हैं।

बाड़ी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भूमि तैयारी, गड्ढा खोदाई तथा आगामी रोपण सत्र के लिए फलदार पौधों के रोपण की तैयारियां की जा रही हैं। साथ ही जल संरक्षण, जैविक खाद के उपयोग और वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा के उपाय भी किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार परियोजना का उद्देश्य जनजातीय परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि करना तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। इसके लिए कृषि, उद्यान एवं पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों को अधिकतम लाभ पहुंचाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह पहल न केवल बुक्सा जनजाति के परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को भी मजबूती प्रदान करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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