बजट स्वीकृत, टेंडर भी पूरा, फिर भी यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य ठप

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बजट स्वीकृत, टेंडर भी पूरा, फिर भी यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य ठप


उत्तरकाशी, 22 अगस्त (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम को बाढ़ और आपदा के खतरे से सुरक्षित करने के लिए 21.5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत होने तथा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अनुबंध होने के बावजूद अभी तक सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। करीब दो माह से कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे यमुनोत्री धाम से जुड़े व्यापारियों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय लोगों और अन्य हितधारकों में इसको लेकर गहरी नाराजगी है।

लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान धाम में बाढ़ का खतरा लगातार बना रहता है, ऐसे में सुरक्षा कार्यों में हो रही देरी चिंता का विषय है।

जुलाई 2024 में आई भीषण आपदा के दौरान यमुनोत्री धाम से लेकर जानकीचट्टी तक भारी नुकसान हुआ था। बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत ढांचा प्रभावित हुआ था। इसके बाद यमुनोत्री धाम को भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता महसूस की गई थी।

बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए पहले करीब 18 करोड़ रुपये स्वीकृत था, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता की बात कही। काफी इंतजार के बाद यहां बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए बजट बढ़ाकर 21.5 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। इसके बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य का अनुबंध भी कर दिया, लेकिन अनुबंध होने के करीब दो माह बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुनोत्री धाम अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और मानसून के दौरान यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ एवं भूस्खलन का खतरा बना रहता है। ऐसे में करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत होने और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं होना समझ से परे है। लोगों ने संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द मौके पर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आगामी आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि 2024 की आपदा के अनुभव से सबक लेते हुए सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। यदि समय रहते बाढ़ सुरक्षा के कार्य नहीं हुए तो आने वाले समय में किसी बड़ी आपदा की स्थिति में यमुनोत्री धाम और आसपास के क्षेत्रों को फिर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मामले में अधिक्षण अभियंता संजय राज का कहना है कि सम्बंधित कार्य एजेंसी आवश्यक मशीनों को पहुंचाने की बात कह रहा है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल

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