बीकेटीसी उपाध्यक्ष पर पत्नी और पड़ोसी को कर्मचारी दिखाकर भुगतान का आरोप, आरटीआई में खुलासा

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बीकेटीसी उपाध्यक्ष पर पत्नी और पड़ोसी को कर्मचारी दिखाकर भुगतान का आरोप, आरटीआई में खुलासा


देहरादून, 27 अप्रैल (हि.स.)। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण बीकेटीसी के कार्मिकों को संबद्ध करने बजाय अपनी पत्नी को ही अपने साथ चतुर्थ श्रेणी कार्मिक दर्शा कर बारह हजार रूपये प्रतिमाह का भुगतान प्राप्त किए जा रहे हैं। मात्र यही नहीं बल्कि अपने पड़ोस के एक युवक को वैयक्तिक सहायक दर्शाया है।

सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने बीकेटीसी से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त की। आरटीआई में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न निगम व बोर्डों में तैनात दायित्वधारियों को सरकारी कार्मिक उपलब्ध नहीं होने की दशा में निजी स्तर पर एक वैयक्तिक सहायक व एक चतुर्थ श्रेणी कार्मिक नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। वैयक्तिक सहायक को पंद्रह हजार और चतुर्थ श्रेणी कार्मिक को बारह हजार रूपये प्रतिमाह का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा की शासन ने सरकारी कार्यालय व आवास उपलब्ध नहीं होने की दशा में दायित्वधारियों के लिए पच्चीस हजार रूपये प्रतिमाह का प्रावधान किया है। बीकेटीसी का मुख्यालय जोशीमठ और कैंप कार्यालय राजधानी देहरादून में स्थित है। देहरादून कार्यालय में उपाध्यक्ष को भी कक्ष आवंटित है। मगर इसके बावजूद कप्रवाण अपना आवास व कार्यालय रुद्रप्रयाग में दर्शा कर भत्ते के रूप में प्रतिमाह पच्चीस हजार रूपये ले रहे हैं।

कार्यालय में फर्नीचर इत्यादि भी बीकेटीसी के पैंसे से खरीदा गया। उन्होंने आश्चर्य जताया कि बीकेटीसी द्वारा मंदिर समिति एक्ट और शासनादेशों का उल्लंघन कर कप्रवाण को लगातार भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रकरण की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि उन्हें मामले की अभी तक जानकारी नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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