नाम और धर्म छिपाकर दुष्कर्म व धर्म परिवर्तन के आरोपित की जमानत खारिज
नैनीताल, 03 जुलाई (हि.स.)। जनपद में नाम और धर्म छिपाकर युवती को धोखे में रखने, शारीरिक संबंध बनाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने, उत्पीड़न करने तथा 17 लाख रुपये हड़पने के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपित मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी उर्फ बॉबी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) सुधीर कुमार तोमर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 में आरोपित ने स्वयं को केवल ‘एमडी’ बताकर उससे संपर्क किया और लंबे समय तक अपना वास्तविक नाम तथा धर्म छिपाए रखा।
शिकायत के अनुसार इस दौरान आरोपित ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए तथा बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालते हुए धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने, विशेष प्रकार का भोजन करने, मेकअप छोड़ने और ढीले वस्त्र पहनने के लिए कहा। विरोध करने पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करने के भी आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का यह भी आरोप है कि वर्ष 2022 में विवाह का दबाव बनाने पर आरोपित ने अपना वास्तविक नाम यूनुस बताया, जिसके बाद उसे धोखे का पता चला।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित ने विभिन्न बहानों से उससे लगभग 17 लाख रुपये भी हड़प लिए। मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल की जांच के बाद मल्लीताल थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 115 एवं 319, उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 एवं 5 तथा आयुध अधिनियम की धारा 4ध्25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि भीमताल में आरोपित के कमरे की तलाशी के दौरान आठ चाकू, एक हथकड़ी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, विजिटिंग कार्ड और अन्य सामग्री भी बरामद हुई थी।
अभियोजन ने इन तथ्यों के आधार पर जमानत का विरोध किया। वहीं बचाव पक्ष ने न्यायालय में तर्क दिया कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है, उसने कभी अपना नाम या धर्म नहीं छिपाया और उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। साथ ही उसके फरार होने की संभावना से भी इनकार किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा केस डायरी, आरोप पत्र और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले का विचारण अभी प्रारंभिक अवस्था में है।
न्यायालय ने पर्याप्त आधार न पाते हुए आरोपित मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी उर्फ बॉबी की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में अब नियमित सुनवाई के दौरान आरोप तय होने और साक्ष्य दर्ज किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

