हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

WhatsApp Channel Join Now
हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट


हरिद्वार, 06 मई (हि.स.)। आगामी कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही कुंभ मेला से जुड़े लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति भी तय की गई।

30 जून तक निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग और उससे जुड़े निर्माण कार्यों को हर हाल में 30 जून तक पूरा किया जाए। जिन कार्यों को समय पर पूरा करना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा गया, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

घाट, पुल और सड़कों पर विशेष फोकस

घाटों और पुलों पर चल रहे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग को भी निर्देशित किया गया कि सभी निर्माणाधीन सड़कें अगले दो महीनों में पूर्ण की जाएं।

स्वच्छता, पेयजल और पार्किंग पर जोर

नगर निगम को कांवड़ यात्रा के दौरान साफ-सफाई और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं सिंचाई विभाग को 31 मई तक पार्किंग टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और पार्किंग स्थलों पर शौचालय, पेयजल व प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया।

जल संस्थान और पेयजल निगम को कांवड़ पटरी मार्ग और पार्किंग स्थलों पर समय से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिजली और वन विभाग को भी अहम जिम्मेदारी

विद्युत विभाग को कांवड़ मार्गों पर झूलती लाइनों को दुरुस्त करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं वन विभाग को यातायात में बाधा बनने वाले पेड़ों की समय पर लॉपिंग के लिए अनुमति देने के निर्देश दिए गए।

पुलिस ने दिए समन्वय के निर्देश

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्थिति में निर्माण सामग्री सड़कों के किनारे न रखी जाए और गड्ढों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि यातायात सुचारू बना रहे।

बैठक में नगर निगम, एचआरडीए, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने अपनी-अपनी तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Share this story