अभिषेक बने आधुनिक ट्राउट मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता की मिसाल

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अभिषेक बने आधुनिक ट्राउट मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता की मिसाल


नैनीताल, 09 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक कृषि एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से रामगढ़ विकासखंड के बोहराकोट निवासी युवा मत्स्य पालक अभिषेक खनवाल ने आधुनिक रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) आधारित ट्राउट मत्स्य पालन अपनाकर स्वरोजगार की नई मिसाल कायम की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय शीतजल मत्स्य अनुसंधान संस्थान भीमताल ने नाबार्ड के फार्म सेक्टर प्रमोशन फंड के तहत 25 लाख रुपये की अनुदान सहायता से अभिषेक खनवाल के यहां आधुनिक हाइब्रिड आरएएस इकाई स्थापित की है। इस इकाई में दो नर्सरी और दो ग्रो-आउट टैंक स्थापित किए गए हैं, जिनकी प्रति चक्र 800 से 1000 किलोग्राम रेनबो ट्राउट उत्पादन क्षमता है।

यह तकनीक पारंपरिक प्रणाली की तुलना में लगभग 75 प्रतिशत जल की बचत करती है और कम जल, कम ऊर्जा तथा कम लागत में उत्पादन संभव बनाती है। परियोजना के तहत उन्हें मत्स्य बीज, तकनीकी प्रशिक्षण और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया है। परियोजना का लागत-लाभ अनुपात 1.88 तथा निवेश वापसी अवधि लगभग एक वर्ष आंकी गई है।

अभिषेक खनवाल का कहना है कि नाबार्ड, भारतीय शीतजल मत्स्य अनुसंधान संस्थान और राज्य सरकार के सहयोग के बिना इतनी आधुनिक तकनीक अपनाना संभव नहीं था। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में वह अपने उद्यम का विस्तार कर अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और संस्थागत सहयोग से संचालित ऐसी परियोजनाएं किसानों और युवाओं की आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को भी मजबूत कर रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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