उत्तराखंड के विकास को सुनिश्चित करेगा चिंतन शिविर : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के विकास को सुनिश्चित करेगा चिंतन शिविर : मुख्यमंत्री


देहरादून, 25 नवम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में चिंतन शिविर का अपना एजेंडा है, जो आने वाले समय में राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए यह बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा हमारे राज्य का एजेंडा है कि 25 सालों के लिए रोड़ मैप तैयार हो, साथ ही 2025 तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने।

उन्होंने कहा कि मसूरी में तीन दिवसीय चिंतन शिविर में चीजों के सरलीकरण और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में विकास को सुनिश्चित तरीके पर ध्यान केन्द्रित किया गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया था,जिसके अनुरूप राज्य सरकार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार की ओर से बड़े स्तर पर रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। रिक्त चल रहे विभिन्न सरकारी पदों पर जहां एक ओर भर्ती प्रक्रिया जारी है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होमस्टे योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के अंतर्गत युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी कार्य कर रहे हैं।

केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण पर सीएम ने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों को ही अवसर देते हैं। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का सौभाग्य मोदी को मिला। उन्होंने इसे बखूबी कर दिखाया। इस बार रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं से बचाव एवं उन्हें कम किए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा चमोली एवं धारचूला में नियमित रूप से हेलीकॉप्टर की सेवाएं जारी रखी गई है,ताकि आपदा के समय इनकी मदद ली जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड राज्य के विकास को आगे ले जाने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार पौराणिक इमारतों लोक संस्कृति एवं सभ्यताओं के संरक्षण पर कार्य कर रही है। अग्निवीर योजना के बाद उत्तराखंड सरकार की ओर से विभिन्न स्थानों पर जन संवाद चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में आने वाले समय में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाएगा। जिसपर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा आमजन के फीडबैक के उपरांत फाइनल ड्राफ्ट बनाकर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा सीमा पर रहने वाले लोग हमारी सीमाओं के प्रहरी हैं, जो सीमांत क्षेत्र को जीवित रखने एवं सेना के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने छावला केस पर कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश पुरजोर तरीके से कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश

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