थलीसैंण उपजिला चिकित्सालय का तेजी से चल रहा निर्माण कार्य:सीएमओ
पौड़ी गढ़वाल, 19 जुलाई (हि.स.)। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए थलीसैंण में उपजिला चिकित्सालय का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत यहां दो ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट संचालित हैं, जबकि सात नयी इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है।
इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री स्थापित की जा रही है, प्रशासन का दावा है कि इन सुविधाओं से रोगों की वैज्ञानिक एवं समयबद्ध जांच की सुविधा और अधिक सुदृढ़ होगी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिले के 151 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है।
इन केंद्रों पर सामान्य उपचार के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों, क्षय रोग, मानसिक स्वास्थ्य, नेत्र एवं कान संबंधी रोगों सहित 12 प्रकार की समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार एवं स्वास्थ्य परामर्श की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है।
सीएमओ पौड़ी डा. शिवमोहन शुक्ला ने बताया कि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2019-20 में जहां केवल तीन चिकित्सा इकाइयों में अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध थी, वहीं आज यह सुविधा नौ चिकित्सा इकाइयों तक विस्तारित हो चुकी है। बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधारों का सकारात्मक प्रभाव जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मातृ मृत्यु दर 113 से घटकर 91 तथा शिशु मृत्यु दर 34 से घटकर 27 हो गई है। कुल प्रजनन दर 2.1 से घटकर 1.8 पर पहुंची है। प्रथम तिमाही गर्भ पंजीकरण 56 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत, चार एएनसी जांच 62 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत, गर्भवती महिलाओं का पूर्ण टीकाकरण 92 से बढ़कर 96 प्रतिशत तथा शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण 92 से बढ़कर 98 प्रतिशत हो गया है।
संस्थागत प्रसव 63 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत तथा लिंगानुपात 941 से बढ़कर 956 तक पहुंच गया है। बताया कि सरकार द्वारा वर्षों से रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों पर भर्ती के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

