हाईकोर्ट स्थानांतरण के निर्णय के विरोध में उतरी कांग्रेस, बताया राज्य निर्माण की भावना के विरुद्ध

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हाईकोर्ट स्थानांतरण के निर्णय के विरोध में उतरी कांग्रेस, बताया राज्य निर्माण की भावना के विरुद्ध


नैनीताल, 24 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस पार्टी नैनीताल से उत्तराखंड उच्च न्यायालय के स्थानांतरण के विरोध में आ गयी है। कांग्रेस पार्टी के नगर अध्यक्ष सचिन नेगी ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से स्थानांतरित किए जाने के प्रस्तावित निर्णय का विरोध करते हुए इसे राज्य निर्माण की मूल भावना के विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस निर्णय का स्पष्ट और दृढ़ता के साथ विरोध करती है।

सचिन नेगी ने जारी बयान में कहा कि नौ नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन पहाड़ और यहां के लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर किया गया था। ऐसे में उच्च न्यायालय को तराई-भावर क्षेत्र में स्थानांतरित करने का निर्णय राज्य गठन के मूल उद्देश्य के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय को पर्वतीय क्षेत्र में ही रहना चाहिए, ताकि पहाड़ की आम जनता की न्याय तक सहज पहुंच बनी रहे। यदि प्रमुख शासकीय एवं संवैधानिक संस्थानों को लगातार तराई क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाता रहा तो पहाड़, विशेषकर कुमाऊं मंडल, के हिस्से में कुछ भी नहीं बचेगा। नेगी ने राज्य सरकार से पहले उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने और उसके बाद अन्य संस्थागत निर्णयों पर विचार करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि पहाड़ की पहचान, अधिकार और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का भविष्य पर्वतीय क्षेत्रों को मजबूत करने में है, उन्हें कमजोर करने में नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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