स्वरोजगार योजनाओं में तेजी लाएं बैंक, लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण के निर्देश
-दूरस्थ क्षेत्रों के आवेदकों को अनावश्यक बैंक के चक्कर न लगवाएंः सीडीओ
गोपेश्वर, 19 अगस्त (हि.स.)। चमोली के मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी ने बुधवार को जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक में बैकों को सरकारी स्वरोजगार और ऋण योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने के लिए ऋण आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम स्टे और स्पेशल कंपोनेंट प्लान सहित विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत और वितरित ऋण की समीक्षा की गई।
सीडीओ ने कहा कि ऋण आवेदन अस्वीकृत करने पर बैंक स्पष्ट कारण दें। 40 प्रतिशत से कम ऋण-जमा अनुपात वाले बैंकों को सीडी रेशियो में सुधार लाने को कहा।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों को बैंकिंग प्रक्रिया के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। विभाग और बैंक आपसी समन्वय से आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के 650 के लक्ष्य के सापेक्ष 629 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें 254 पर ऋण वितरित हो चुका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 1509 आवेदनों में से 1103 पर ऋण वितरण हुआ है।
पर्यटन स्वरोजगार योजना के वाहन मद में तीन और गैर-वाहन मद में पांच, जबकि होम स्टे योजना में नौ आवेदनों पर ऋण वितरित किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जिले का ऋण-जमा अनुपात 26.76 प्रतिशत रहा।
सीडीओ ने बैंक शाखा प्रबंधकों को आगामी बैठक में शाखावार लक्ष्य और उपलब्धि की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस दौरान परियोजना निदेशक आनंद सिंह, आरबीआई से रजनीश सैनी, नाबार्ड से श्रेयांश जोशी समेत विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

