संस्कारवान पीढ़ियों के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम: जैसल

WhatsApp Channel Join Now
संस्कारवान पीढ़ियों के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम: जैसल


हरिद्वार, 13 जुलाई (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में सप्ताहभर चले आर्य वीर एवं आर्या वीरांगना दल प्रशिक्षण शिविर का समापन बौद्धिक एवं यज्ञीय सत्रों के साथ हुआ। समापन अवसर पर हरिद्वार की प्रथम नागरिक एवं मुख्य अतिथि किरण जैसल ने कहा कि नारियां ही संस्कारवान एवं सुसंस्कृत पीढ़ियों का निर्माण करती हैं, इसलिए महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आर्य पद्धति नैतिकता और चरित्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। वेदों के बताए मार्ग पर चलकर ही श्रेष्ठ चरित्र और आदर्श समाज का निर्माण संभव है। यज्ञ का संचालन डॉ. दीनदयाल के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने कहा कि आर्य विचारधारा से जुड़ा व्यक्तित्व ही आदर्श समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बौद्धिक सत्र में चरथावल गुरुकुल से आए आर्य विद्वान डॉ. योगेश भारद्वाज ने कहा कि वैदिक विद्वानों के संरक्षण में शिक्षा के स्वरूप की उपयोगिता आज भी सर्वत्र महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्कारों में तेजी से हो रहे परिवर्तन भारतीय संस्कृति के लिए चुनौती बन रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इस अवसर पर मुख्य संयोजक डॉ. संदीप वेदालंकार, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. मयंक पोखरियाल, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. भारत वेदालंकार, डॉ. शिवकुमार चौहान, नागेन्द्र सिंह राणा, अवर अभियंता रंजीत शर्मा, अरविन्द शर्मा, आशीष धमांदा, डॉ. दीपिका, डॉ. प्रणवीर सिंह, डॉ. अजेन्द्र कुमार, चरणजीत सिंह, कुलभूषण शर्मा, हेमन्त सिंह नेगी, डॉ. विपिन बालियान सहित बड़ी संख्या में आर्य वीर, आर्या वीरांगनाएं एवं प्रशिक्षण दे रही कोमल आर्या, राखी, पूजा और काजल उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Share this story