वर्षभर छह प्रमुख उत्सव मनाता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: दीपक
नई टिहरी, 18 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के शताब्दी वर्ष के पर विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विजयी दशमी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें स्वयंसेवकों ने भारत माता, संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनका स्मरण किया गया। सामाजिक भेदभाव मिटाकर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए मिलकर करने पर जोर दिया।
रविवार को विद्या मंदिर में नगर संघचालक सतीश थपलियाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शस्त्र पूजन किया गया। स्वयंसेवकों ने आत्मरक्षा की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया। मुख्य वक्ता जिला प्रचारक दीपक ने संघ के उद्देश्यों, कार्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। कहा कि संघ वर्षभर छह प्रमुख उत्सव मनाता है। इनमें वर्ष प्रतिपदा, हिन्दू साम्राज्य दिवस, गुरु पूर्णिमा, रक्षाबंधन, विजयादशमी और मकर संक्रांति शामिल हैं। संघ परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों और स्वदेशी के लिए निरंतर कार्यक्रम कर समाज को जागृत कर रहा है। सतीश थपलियाल ने कहा कि शाखा लगाने, गृह संपर्क करने और हिंदू समाज को जागरूक करने जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है।
कहा भगवान श्रीराम सामाजिक समरसता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने केवट, शबरी, वानरों और वनवासियों को अपनाकर समानता एवं आत्मीयता का संदेश दिया है। इस मौके पर नगर कार्यवाह रामानुजन बहुगुणा, डॉ.सुशील कोटनाला, शीशराम कोटियाल, बीडी कुनियाल, अनिल नैथानी, महेंद्र बिष्ट, चरण सिंह, वेणीमाधव, स्वराज पंवार, रंजन भंडारी, विवेक बधानी, अब्बल सिंह श्रीकोटी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

