राष्ट्रीय इंटर कॉलेज रोहालकी में प्रबंध समिति की अंदरूनी राजनीति से बिगड़ रहा शैक्षणिक माहौल
हरिद्वार, 03 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय इंटर कॉलेज रोहालकी, बहादराबाद की प्रबंध समिति में चल रही अंदरूनी राजनीति के कारण कॉलेज का शैक्षणिक माहौल लगातार प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि प्रबंध समिति द्वारा प्रधानाचार्य, अध्यापकों और कर्मचारियों को प्रताड़ित करने की साजिश रची जा रही है, जिससे उनका ध्यान विद्यार्थियों की पढ़ाई से हटकर प्रशासनिक विवादों में उलझता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कॉलेज के प्रबंधक रहे जयंत चौहान पर शिक्षा विभाग की जांच में 12,96,140 रुपये के गबन का आरोप सिद्ध होने के बाद उन्हें कॉलेज की साधारण सभा की आजीवन सदस्यता और प्रबंधक पद से हटा दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने कथित रूप से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कॉलेज के प्रधानाचार्य और एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया।
मामला सामने आने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार ने नियमों का हवाला देते हुए दोनों के निलंबन को निरस्त कर दिया। आरोप है कि इसके बाद संस्था के अध्यक्ष अजय चौहान ने कथित रूप से जाली दस्तावेज तैयार कर फिर से प्रधानाचार्य और कर्मचारी के निलंबन की कार्रवाई कर दी।
इस संबंध में प्रधानाचार्य और संबंधित कर्मचारी ने संस्था से हटाए गए पूर्व प्रबंधक जयंत चौहान को लिखित जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार के 17 मार्च 2026 के पत्र के अनुसार उनकी साधारण सभा की सदस्यता पहले ही समाप्त की जा चुकी है। पत्र में कहा गया है कि 27 मई 2025 को पूर्व प्रबंध संचालक द्वारा वित्तीय गबन के आरोपों के आधार पर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। बाद में उनकी अपील पर जांच पूरी होने तक इस आदेश पर स्थगन दिया गया था, लेकिन पुनः जांच में गबन की पुष्टि होने पर स्थगन समाप्त कर दिया गया।
जवाब में यह भी कहा गया है कि प्रशासन योजना की धारा 9 के बिंदु 4 व 5 तथा धारा 13 के बिंदु 2 के अनुसार गबन का कार्य संस्था के हित के विपरीत पाया गया है। इसलिए जयंत चौहान की साधारण सभा सदस्यता निरस्त मानी जाएगी और वे अब संस्था के किसी भी पद पर रहने के पात्र नहीं हैं। ऐसे में उनके द्वारा 1 अप्रैल 2026 को जारी निलंबन पत्र को अस्वीकार्य बताया गया है।
इधर दलित समाज से जुड़े प्रधानाचार्य के खिलाफ प्रबंध समिति द्वारा रची जा रही कथित साजिश को लेकर दलित समाज में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार शाम समाज के लोगों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध और आक्रोश व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

