राजौरी से अल्मोड़ा पहुंचा कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर
अल्मोड़ा, 07 जून (हि.स.)। जिले के पांडेखोला निवासी कैप्टन युवक की जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एक अभियान के दौरान
अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। आज उसका शव अल्मोड़ा आर्मी हेलीपैड पर पहुंच गया है।
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से बग्वालीपोखर क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में उनका परिवार अल्मोड़ा पांडेखोला में रहता है। उनके पिता पीएन गोस्वामी भनोली तहसील में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पद पर तैनात हैं और माता शिक्षिका है।
पिछले कई दिनों से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। सेना के कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी भी इस अभियान का हिस्सा थे और अपनी टीम के साथ क्षेत्र में तैनात थे। इसी अभियान के दौरान शनिवार को अचानक उनकी तबीयत किसी कारणवश बिगड़ गई। मौके पर मौजूद जवानों ने तत्काल उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई और उपचार के लिए निकाला, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर बनी रही। बाद में उन्हें सेना अस्पताल, राजौरी लाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को दोपहर बाद अल्मोड़ा लाया गया। दुखद सूचना मिलने पर उनके परिवार में कोहराम मच गया है
मात्र 25 वर्षीय कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी भारतीय सेना की 5 असम यूनिट में कार्यरत थे। समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी के निधन की खबर से सेना के अधिकारियों, जवानों तथा स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। जिला प्रशासन बलिदानी के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया है। नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह सलाल ने बताया कि उसका शव अल्मोड़ा आर्मी हेलीपैड पर पहुंच गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद चंद्र जोशी

