मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर महानगर कांग्रेस का प्रदर्शन, फूंका पुतला

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर महानगर कांग्रेस का प्रदर्शन, फूंका पुतला


हल्द्वानी , 28 सितंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज हल्द्वानी महानगर कांग्रेस कमेटी ने भारत निर्वाचन आयोग के भीतर कथित “वोट चोरी” एवं निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के सयुक्त नेतृत्व में तिकोनिया चौराहे से विरोध मार्च निकाला। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता बुद्ध पार्क पहुंचे जहां ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में पारदर्शिता, निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग उठाई।

इस अवसर पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है, इसलिए उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट, पारदर्शी और तथ्यात्मक जवाब सामने आना चाहिए।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसी प्रक्रियाओं को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनकी निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है। लोकतंत्र की बुनियाद जनता के मताधिकार पर टिकी है। प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मत का प्रयोग करने का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत या आपत्ति का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।

सुमित हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अविलंब पद से हटाया जाए तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों एवं मतदाता सूची में किए गए बदलावों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम यदि गलत तरीके से हटता है तो उसके मताधिकार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाए। उनके कार्यकाल में लिए गए कथित एकतरफा निर्णयों की स्वतंत्र एवं व्यापक समीक्षा कराई जाए। मतदाता सूची में किए गए बदलावों की निष्पक्ष जांच एवं समीक्षा की जाए। SIR प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। किसी भी पात्र नागरिक को उसके संवैधानिक मताधिकार से वंचित न किया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का वोट है। प्रत्येक मतदाता का वोट सुरक्षित रहना और मतदाता सूची में उसका नाम सुनिश्चित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है। कांग्रेस लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े इन मुद्दों को जनता के बीच उठाती रहेगी।

प्रदर्शन में हरीश मेहता, हेमंत बगड़वाल, ललित जोशी, डॉ. केदार पलड़िया, राजेंद्र बिष्ट, पार्षद नीमा भट्ट, शोभा बिष्ट, मधु सांगुड़ी, रत्ना श्रीवास्तव, कमला सनवाल, राधा आर्य, मंजू पांडे, प्रकाश पांडे, नरेश अग्रवाल, दयाल तिवारी, संजू पाना, हिमांशु जोशी, कानू बिष्ट, दीप पाठक, जगमोहन चिलवाल, जीवन कार्की, सतनाम सिंह, जाकिर हुसैन, पार्षद हेमंत शर्मा, पार्षद एडवोकेट धर्मवीर, प्रदीप नेगी, गिरीश पांडे, जगमोहन बगड़वाल, कैलाश शाह, त्रिलोक बनोली, गोविंद बगड़वाल, राजू सुयाल, कौशलेंद्र भट्ट, संजू उप्रेती, मोहम्मद इमरान, रिजवान हुसैन, हाजी इस्लामुद्दीन, मनोज भट्ट, हेम जोशी, प्रदीप बिष्ट, संदीप भैसोड़ा, देवेश तिवारी, देवेंद्र बिष्ट, एडवोकेट मनोज बिष्ट, मनोज खुल्बे, मन्नू गोस्वामी, बबलू बिष्ट, शंकर कोहली, चंदन भाकुनी, मो. जुबैर, अबरार सिद्दीकी, विक्की छिमवाल, विनय भट्ट, एडवोकेट मन्नू तुलेडा, एडवोकेट मनोहर सांगुरी, प्रदीप बिष्ट, मोहन चंद्र, रंजीत डसीला, योगेंद्र पाठक, मोहित दुर्गापाल, अभिनव मिश्रा, आकाश जंगपागी, सुधांशु कुमार, कमल कुमार, जितेंद्र बिष्ट, मयंक, प्रकाश, सुनील कुमार, चंद्रशेखर आर्य, शाद अली एवं गौरव बलुटिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

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