पटवाडांगर में स्थापित हुआ ‘पटवा गार्डन’, अति संकटग्रस्त हिमालयी वनस्पति संरक्षण की पहल

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पटवाडांगर में स्थापित हुआ ‘पटवा गार्डन’, अति संकटग्रस्त हिमालयी वनस्पति संरक्षण की पहल


नैनीताल, 15 मई (हि.स.)। कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत के नेतृत्व में हिमालयी क्षेत्र की अति संकटग्रस्त एवं औषधीय महत्व की वनस्पति मीजोट्रोपिस पेलिटा (पटवा/परवा) के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान परियोजना सफलतापूर्वक पूर्ण की है।

विश्वविद्यालय ने इस दुर्लभ प्रजाति के प्राकृतिक संरक्षण और जन-जागरूकता के उद्देश्य से इसी के नाम पर बसे पटवाडांगर क्षेत्र में ‘पटवा गार्डन’ की स्थापना की है। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की रेड लिस्ट में इस प्रजाति को ‘क्रिटिकली एन्डेंजर्ड’ श्रेणी में रखा गया है।

विश्वविद्यालय की आंतरिक शोध अनुदान योजना के अंतर्गत संचालित इस परियोजना में प्रो. तपन नैलवाल के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने इन-विट्रो तकनीक के माध्यम से स्वस्थ पौध तैयार करने तथा बड़े स्तर पर संवर्धन की तकनीक विकसित की है। शोध में इस वनस्पति में महत्वपूर्ण रोगाणुरोधी गुण पाए गए, जिनसे भविष्य में औषधीय एवं फार्मास्यूटिकल अनुसंधान को नई दिशा मिलने की संभावना व्यक्त की ।

कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड की हिमालयी जैव विविधता पर्यावरणीय धरोहर के साथ स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और जैविक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित शोध को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है और स्वर्ण जयंती वर्ष की ओर अग्रसर होते हुए हिमालयी पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में नई पहल के लिए प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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