नैना पीक वन चौकी में व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायत
नैनीताल, 16 जून (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि ने नैना पीक स्थित वन चौकी में कथित रूप से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और उससे उत्पन्न पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, नैनीताल को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि 14 जून को नैना पीक भ्रमण के दौरान वन चौकी पर तैनात एक वन कर्मी द्वारा मैगी, पैक्ड पेयजल, शीतल पेय, बिस्कुट तथा अन्य उपभोग्य वस्तुओं की बिक्री किए जाने की जानकारी मिली। सदस्य सचिव ने इसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में प्लास्टिक एवं अन्य अपघटित न होने वाले कचरे की समस्या बढ़ाने वाला बताया है।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी गतिविधियों के लिए कोई अनुमति दी गई है तो उसकी वैधानिकता, दायरा और वन एवं पर्यावरण संबंधी नियमों से उसकी संगति की जांच की जानी चाहिए।
प्रदीप कुमार मणि ने वन विभाग से तत्काल जांच, किसी भी प्रकार की अनुमति का सत्यापन, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की समीक्षा तथा अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही वन चौकियों और पारिस्थितिकीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को प्रदूषण एवं व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी बल दिया गया है।
इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भी प्रेषित की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

