तकनीक आधारित शिक्षा ही वर्तमान की जरूरत: सीडीओ

WhatsApp Channel Join Now
तकनीक आधारित शिक्षा ही वर्तमान की जरूरत: सीडीओ


नई टिहरी, 10 सितंबर (हि.स.)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नई टिहरी में आईआईटी मद्रास के विद्या शक्ति केंद्र की पहल पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अनुकरण आधारित तकनीक और खेल-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से गणित, विज्ञान व अंग्रेजी जैसे विषयों के कठिन संबोधों को सरल व रोचक ढंग से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया।

वीरवार को डाइट सभागार में कार्यशाला का सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने शुभारंभ किया। सीडीओ अग्रवाल ने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा आज की आवश्यकता है। एआई और डिजिटल माध्यमों का रचनात्मक उपयोग शिक्षकों को कठिन विषयों को विद्यार्थियों तक सरल तरीके से पहुंचाने में मदद कर सकता है। ऐसे प्रशिक्षण से शिक्षकों की क्षमता बढ़ने के साथ ही विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि और जिज्ञासा भी विकसित होगी।

प्राचार्य दीपक रतूड़ी ने बताया कि कार्यशाला में चंबा, प्रतापनगर और जाखणीधार ब्लॉक के कक्षा 6 से 8 तक अध्यापक करने वाले 50 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। विद्या शक्ति केंद्र आईआईटी मद्रास की ग्लोबल कन्वेनर शिवा और प्रोजेक्ट डायरेक्टर नागराजन ने शिक्षकों को एआई शिक्षा, सिमुलेशन और गेमिफिकेशन आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

बताया कि आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से गणित एवं विज्ञान सहित अन्य विषयों के कठिन संबोधों को विद्यार्थियों के लिए सरल, सहज और रुचिकर बनाया जा सकता है। बताया कि केंद्र पूरे देश में प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए टैलेंट सर्च परीक्षा आयोजित करता है। प्रत्येक राज्य के शीर्ष 25 विद्यार्थियों एवं उनके शिक्षकों को आईआईटी मद्रास आमंत्रित किया जाता है। हर साल 13-14 अप्रैल को आईआईटी मद्रास में दो दिवसीय कार्यशाला में चयनित विद्यार्थियों एवं उनके शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है।

इस मौके पर समन्वयक डॉ. वीर सिंह रावत, डॉ. विजय किशोर, डीपी जोशी, सुरेंद्र मोहन, रमेश डंगवाल, उदय मनवाल, लक्ष्मण रावत, संजय बिष्ट, नंदा चौहान, संगीता चौहान, विजयलक्ष्मी, रंजीत सिंह, सुनील कोठारी, नोमिता उनियाल, नीलम बागड़ी, दीपक बहुगुणा मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

Share this story