कुमाऊं मंडल में भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
नैनीताल, 02 सितंबर (हि.स.)। कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की ओर से भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को एहतियातन पूरी सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों को जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के साथ ही तहसील एवं ब्लॉक स्तर के नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। साथ ही मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, विद्युत, पेयजल निगम, ब्रिडकुल और ग्रामीण निर्माण विभाग सहित कार्यदायी संस्थाओं को संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और पर्याप्त कार्मिक तैनात रखने के निर्देश दिये, ताकि बारिश के कारण मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल यातायात सुचारु कराया जा सके।
इसके अतिरिक्त आयुक्त ने नदी, नालों और गधेरों के किनारे तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने को कहा है ।
जिलाधिकारी ने बताया 4 दर्जन मार्ग बाधित, अनावश्यक यात्रा से बचें
इसी कड़ी में नैनीताल में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने भी सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में वर्षा हो रही है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के साथ सभी तहसील और ब्लॉक स्तरीय नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। लोनिवि, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, विद्युत और पेयजल विभागों को अपनी मशीनरी और कार्मिकों के साथ संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहने को कहा गया है, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उन्हें तत्काल खोला जा सके। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर बारिश से हुई क्षति का आकलन कर रही हैं। जहां मकानों को आंशिक क्षति अथवा पशुहानि की सूचना मिल रही है, वहां तहसीलदार के माध्यम से तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी के अनुसार जनपद में इस समय लगभग चार दर्जन मार्ग अवरुद्ध हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें हैं। चार से पांच राज्य राजमार्ग हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग का गरमपानी वाला हिस्सा भी बारिश से प्रभावित हुआ है। मार्ग खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं और कार्य जारी है।
ऐसे में जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदियों, नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचने को कहा है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील की कि रील बनाने या फोटोग्राफी के लिए जोखिम वाले स्थानों पर न जाएं। साथ ही उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों को पार करने का जोखिम नहीं उठाने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

