उच्च न्यायालय में विधि अधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन, पूरन बने मुख्य स्थायी अधिवक्ता

WhatsApp Channel Join Now
उच्च न्यायालय में विधि अधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन, पूरन बने मुख्य स्थायी अधिवक्ता


नैनीताल, 19 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार ने उच्च न्यायालय में अपने विधि अधिकारियों के दायित्वों में बड़े स्तर पर परिवर्तन किये हैं। मुख्य स्थायी अधिवक्ता के पद पर दायित्व में परिवर्तन किया गया है। पांच विधि अधिकारियों को उच्चीकृत किया गया है। 10 को आबद्ध किया गया है, और विभिन्न पदों पर कार्यरत 12 अधिवक्ताओं की आबद्धता समाप्त करने के आदेश भी जारी किये गये हैं।

अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट को चंद्रशेखर सिंह रावत के स्थान पर राज्यपाल की स्वीकृति के बाद तत्काल प्रभाव से मुख्य स्थायी अधिवक्ता का दायित्व सौंपा गया है। प्रमुख सचिव अमित कुमार सिरोही के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कुल 15 अधिवक्ताओं को पदोन्नति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व दिए गये हैं। विधि विभाग के अनुसार इन नियुक्तियों को सिविल पद न मानते हुए व्यावसायिक आबंधन के रूप में रखा गया है और इनसे उच्च न्यायालय में राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखने की अपेक्षा की गयी है।

नयी नियुक्तियों में उप महाधिवक्ता गणेश कांडपाल को अपर महाधिवक्ता, सहायक शासकीय अधिवक्ता राजीव बिष्ट को उप महाधिवक्ता (आपराधिक), योगेश पांडे को उप महाधिवक्ता (सिविल), घनश्याम जोशी को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, रंजन घिल्डियाल व भानु प्रताप मेर को स्थायी अधिवक्ता, राकेश कुमार जोशी, प्रभात कांडपाल व हिमांशु सेन को सहायक शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त मनीष बिष्ट, मनोज भट्ट, महावीर प्रसाद कोहली, स्वाति वर्मा, निखिल बिष्ट व सुनील उपाध्याय को ब्रीफ होल्डर की जिम्मेदारी दी गयी है।

साथ ही विभिन्न पदों पर कार्यरत चंद्रशेखर रावत, केएस बोरा, टीएस बिष्ट, अनिल डबराल, पीएस बिष्ट, वीडी विसेन, देवेंद्र बोरा, देवेंद्र सिंह, गिरीश जोशी, जय प्रकाश, नवीन तिवारी व रजनी सुप्याल की आबद्धता समाप्त करने के आदेश भी जारी किये गये हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

Share this story