अव्यवस्थाओं से जूझ रहा नैनीताल का ऐतिहासिक अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम का कैनेडी पार्क

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अव्यवस्थाओं से जूझ रहा नैनीताल का ऐतिहासिक अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम का कैनेडी पार्क


नैनीताल, 08 मार्च (हि.स.)। सरोवर नगरी नैनीताल की लोअर माल रोड पर स्थित ऐतिहासिक कैनेडी पार्क लंबे समय से अव्यवस्थाओं और दुर्दशा का शिकार बना हुआ है। पार्क में लगी अनेक बैंचें टूट चुकी हैं तथा कई बैंचों पर बैठने का स्थान तक नहीं बचा है।

पाथवे के किनारे जहां फूलों और हरियाली की व्यवस्था होनी चाहिए थी, वहां गंदगी के साथ विद्युत तार और अन्य सामग्री बिखरी पड़ी है। कई स्थानों पर सीमेंट के पिलर, लोहे के सूचना बोर्ड व गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क में स्थापित ओपन जिम भी कई बार क्षतिग्रस्त किया जा चुका है, जिसके कारण उसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। नागरिकों का मानना है कि पार्क की नियमित देखभाल, सुरक्षा व्यवस्था तथा यहां आने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी आवश्यक है। आवश्यकता पड़ने पर पार्क में प्रवेश को कुछ प्रतिबंधों के साथ नियंत्रित करने और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कैनेडी पार्क का इतिहास 1950 के दशक से जुड़ा है। उस समय नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष मनोहर लाल साह ने नगर के पर्यटन विकास के उद्देश्य से पालिका के अधिशासी अधिकारी द्वारिका नाथ साह को कनाडा भेजा था। कनाडा से लौटने के बाद द्वारिका नाथ साह ने लोअर माल रोड के किनारे स्थित एक पथरीली पगडंडी को विकसित कर सुंदर पार्क का रूप दिया। प्रारंभ में स्थानीय लोगों ने इसे “कैनेडा या कनाडा पार्क” कहा गया, लेकिन वर्ष 1961 में अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के सम्मान में इसका नाम बदलकर “कैनेडी पार्क” रख दिया गया।

ब्रिटिश काल और उसके बाद के वर्षों में यह स्थान नगर का प्रमुख आकर्षण रहा। लोअर माल रोड स्थित दुर्गा लाल साह पुस्तकालय तक विकसित इस पार्क में लोग समाचार पत्र पढ़ने और रेडियो पर प्रसारित समाचार सुनने के लिए एकत्रित होते थे।

यहां से नैनी झील, मल्लीताल, तल्लीताल, ठंडी सड़क, माल रोड, कैथोलिक चर्च और राजभवन के सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं। वर्तमान में भी यह स्थान पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों, फोटोग्राफरों तथा प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए आकर्षण का केंद्र है, किंतु उपेक्षा के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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