सेना दिवस परेड: फुल ड्रेस रिहर्सल में हुआ सेना के साहस, शौर्य और स्वाभिमान का जीवंत प्रदर्शन
जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। मंच सुसज्जित है। नगाड़े सधे हुए हैं। टुकड़ियाँ पूर्ण अनुशासन में तैयार हैं। शुक्रवार को आयोजित पूर्ण ड्रेस रिहर्सल के सफल समापन के साथ, पहली बार जयपुर में आयोजित होने जा रही ऐतिहासिक 78वीं सेना दिवस परेड अब 15 जनवरी 2026 को राष्ट्र के समक्ष अपनी भव्य उपस्थिति दर्ज कराने को तत्पर है। यह परेड न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का पुनः उद्घोष करेगी, बल्कि भारतीय सेना की अदम्य भावना और शौर्य का भी सशक्त प्रदर्शन होगी।
मेजर जनरल रोहित मेहरोत्रा, सब एरिया कमांडर, जयपुर की सतर्क निगरानी में आयोजित पूर्ण ड्रेस रिहर्सल अद्वितीय अनुशासन और सटीकता का उत्कृष्ट उदाहरण रही। महीनों की सूक्ष्म योजना एवं अथक परिश्रम का इसमें सफल परीक्षण हुआ। प्रत्येक टुकड़ी मानो एक जीवंत इकाई के रूप में गतिमान थी। प्रत्येक वाहन यांत्रिक परिशुद्धता के साथ अग्रसर हुआ। यह रिहर्सल मात्र अभ्यास नहीं, बल्कि आने वाले ऐतिहासिक सैन्य आयोजन का पूर्वाभास थी। शुक्रवार की पूर्ण ड्रेस रिहर्सल में मानव परिश्रम के सैन्य कला में रूपांतरण का सजीव साक्ष्य देखने को मिला। अविजित ‘भैरव’ बटालियनों से लेकर उत्साही एनसीसी गर्ल्स कंटिंजेंट, उत्साही अश्वारोही दस्तों से लेकर विशिष्ट पैदल सैन्य टुकड़ियों तक कुल 30 से अधिक टुकड़ियाँ पूर्ण समन्वय में मार्च करती हुई आगे बढ़ीं। सैनिकों के कदमों की गूंज मानो भारतीय सेना की धड़कन बनकर तिरंगे की शान में गूंज रही थी।
डिफेंस पीआरओ निखिल धवन के अनुसार परेड भारत की सैन्य शक्ति का जीवंत प्रमाण बनी। तोपखाने, हल्के टोही वाहन, टैंक, उन्नत पैदल सेना युद्ध वाहन, सेना वायु रक्षा मिसाइल एवं तोप प्रणालियाँ तथा निगरानी ड्रोन - सभी आधुनिक हथियार प्रणालियाँ तकनीकी उत्कृष्टता का प्रदर्शन करती हुई परेड मार्ग पर आगे बढ़ीं। युद्ध, खोज एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित सेना के कैनाइन वारियर्स अनुशासित सतर्कता के साथ मार्च करते दिखाई दिए, जो आधुनिक भारतीय सेना की बहुआयामी क्षमताओं का प्रतीक हैं। आकाश में सेना विमानन के हेलीकॉप्टरों और भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने सेकेंड-टू-सेकेंड समन्वय के साथ भव्य फ्लाई-पास्ट किया। यह आकाशीय सलामी राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत थी। पैरा-मोटर प्रदर्शन एवं मोटरसाइकिल करतबों ने परेड में साहस, गति और रोमांच का संचार किया, जो भारतीय सेना की शारीरिक दक्षता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आज की पूर्ण ड्रेस रिहर्सल ने योजना एवं क्रियान्वयन के प्रत्येक पहलू को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया। मेजर जनरल रोहित मेहरोत्रा के सक्षम नेतृत्व में, जयपुर सब एरिया कमांड द्वारा इस आयोजन का संचालन पूर्णतः सुव्यवस्थित, अनुकरणीय एवं त्रुटिरहित रहा। सेना की विभिन्न टुकड़ियों, स्थानीय प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों द्वारा महीनों की गई तैयारी इस सफल अभ्यास में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

