सात जिलों में बनेंगे कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर, कृषि उत्पादों को मिलेगा वैल्यू एडिशन
जयपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। राज्य सरकार ने एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) पंच गौरव कार्यक्रम के तहत कृषि एवं बागवानी उत्पादों के मूल्य संवर्धन, किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के सात जिलों में फसल आधारित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए 14 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। जिला विशेष की प्रमुख फसल को ध्यान में रखते हुए बारां में लहसुन, चित्तौड़गढ़ में सीताफल, जालोर में अनार, झालावाड़ में संतरा, जयपुर में आंवला, अजमेर में गुलाब तथा जैसलमेर में खजूर के लिए कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों पर ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, प्राथमिक एवं मूल्य संवर्धित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और लेबलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म उद्यमियों को अलग से महंगी प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे साझा सुविधाओं का उपयोग कर अपने उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार तक पहुंचा सकेंगे।
कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों से कृषि एवं बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ और बाजार क्षमता में सुधार होगा। प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के कारण किसानों को कच्चे उत्पाद के बजाय बेहतर पैकेजिंग वाले उत्पादों का अधिक मूल्य मिलेगा। साथ ही कटाई के बाद होने वाले नुकसान और उत्पादों की बर्बादी में भी कमी आएगी।
यह पहल विशेष रूप से कृषि आधारित स्टार्टअप्स और नव उद्यमियों के लिए लाभकारी होगी। साझा प्रसंस्करण सुविधाओं के माध्यम से वे कम लागत में अपने उत्पाद बाजार में उतार सकेंगे। व्यवसाय के विस्तार के साथ उन्हें अपनी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर केवल प्रसंस्करण इकाइयां नहीं होंगे, बल्कि इन्हें प्रशिक्षण एवं लाइव डेमो केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और इच्छुक उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण तकनीक, गुणवत्ता मानकों, खाद्य सुरक्षा, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और व्यवसाय प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पंच गौरव कार्यक्रम के तहत स्थापित होने वाले ये केंद्र राजस्थान के विशिष्ट कृषि एवं बागवानी उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बेहतर गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी ब्रांडिंग के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

