सांवलियाजी में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का किया विरोध तो थाने में दे दी रिपोर्ट, ग्रामीणों ने एएसपी से की जांच की मांग
चित्तौड़गढ़, 18 अप्रैल (हि.स.)। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने के साथ ही क्षेत्र की जमीनों के भाव आसमान छूने लगे है। इसी बीच क्षेत्र में कई भू-माफिया पनप गए है, जो सरकारी जमीनों को भी खुर्दबुर्द करने और कब्जाने के फेर में लगे है। इसी तरह का एक मामला पटवार हलका मंडफिया के अमरपुरा गांव का सामने आया है। जिसे लेकर ग्रामीणों ने चरागाह भूमि को मिली भगत कर बीलानाम कर उस पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। वहीं ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर उनके विरूद्ध झूठे मुकदमे दर्ज करने को लेकर पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरितासिंह को ज्ञापन सौंपा है।
जानकारी के अनुसार अमरपुरा के कई ग्रामीण शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे तथा जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि अमरपुरा में 85 बीघा 8 बिस्वां भूमि राजस्व रिकॉर्ड में चरागाह में दर्ज थी। इसमें से 60 बीघा भूमि को स्थानीय छात्रों के अध्ययन के लिए कॉलेज के नाम लीज आवंटित कर दी। वहीं शेष 24 बीघा से अधिक भूमि चरागाह के रूप में ही उपयोग-उपभोग में आती रही। ग्रामीणों ने बताया कि विभाजन के दौरान नए खाता नम्बर बनने के बाद क्षेत्र का विकास हुआ और आसपास भू-माफियाओं ने आवासीय संपरिवर्तन करा कर कॉलोनियां काट दी और अब शेष बची भूमि को हड़पने की नियत से खाता और खसरा नम्बर बदल दिया है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि दो दिन पूर्व करीब एक दर्जन से अधिक लोग रात के समय हमसलाह होकर रोड के नजदीक वाली भूमि को हड़पने के लिए गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की तो मारपीट पर आमादा हो गए और गाली-गलौच करने लगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा हस्तक्षेप करने पर मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान इसके बाद ग्रामीणों के विरूद्ध धारा 3 का झूठा परिवाद थाने में प्रस्तुत कर दिया। वहीं जिस भैरूलाल भील द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया वो घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं था।
इस दौरान ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। कब्जा करने की नियत से आए लोगों में सरपंच प्रतिनिधि सहित क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि और उनके खास लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि झूठा परिवाद दर्ज करने के बाद पुलिस के माध्यम से ग्रामीणों को धमकाया जा रहा है। बार-बार थाने से एएसआई द्वारा फोन किया जा रहा है और पुलिस का वाहन भेज कर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने चरागाह, बीलानाम और कॉलेज की भूमि पर कब्जा करने से रोकने और अतिक्रमण मुक्त करने के साथ-साथ झूठे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस दौरान अमरपुरा निवासी शैलेंद्र सिंह, नारायण सिंह, दलपत सिंह, नारायण जाट, रतन जाट, हीरा जाट आदि ज्ञापन देने जिला मुख्यालय पर पहुंचे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

