सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार, पूर्ववर्ती सरकार ने उलझाया पेंच: पटेल

WhatsApp Channel Join Now
सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार, पूर्ववर्ती सरकार ने उलझाया पेंच: पटेल


जोधपुर, 13 मार्च (हि.स.)। संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यदि कांग्रेस ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण दिए बिना चुनाव चाहती है, तो वह सार्वजनिक रूप से अपना स्टैंड क्लियर करे। यह बात उन्होंने यहां सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कही। विधानसभा सत्र के समापन के बाद जोधपुर पहुंचे मंत्री पटेल ने राइजिंग राजस्थान के एमओयू, विपक्ष की गुटबाजी, नदियों के प्रदूषण और शिक्षक भर्ती परिणामों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से बात रखी।

पंचायत चुनावों में हो रही देरी पर मंत्री पटेल ने बताया कि वर्ष 2021 और वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए ओबीसी कमीशन की त्रिस्तरीय जांच जरूरी है। पटेल ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर ओबीसी कमीशन की नियुक्ति नहीं की। पटेल ने बताया कि मौजूदा सरकार ने मई 2025 में ओबीसी कमीशन बना दिया है और वह त्रिस्तरीय जांच कर रहा है।

चुनाव 15 अप्रैल तक होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि चुनाव 15 अप्रैल से पहले, उस दिन या उसके बाद भी हो सकते हैं। पटेल ने कहा, सरकार आज भी चुनाव कराने को तैयार है। चुनाव कराने की सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ओबीसी वर्ग को आरक्षण देना है, तो कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद ही चुनाव संभव हो पाएंगे। वहीं, बिना आरक्षण के चुनाव कराने के लिए उन्होंने कांग्रेस को अपना सार्वजनिक स्टैंड साफ करने की चुनौती दी।

विपक्ष द्वारा एमओयू के दस्तावेज नहीं देने के आरोपों का खंडन करते हुए पटेल ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के 35 लाख करोड़ के एमओयू में से आठ लाख करोड़ से अधिक के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं और सभी दस्तावेज पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हैं। मंत्री ने कांग्रेस पर भारी गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस दल ने अपने ही नेता प्रतिपक्ष को तीन बार विधानसभा में बोलने से रोका। पटेल ने बताया कि मौजूदा सरकार ने इस सत्र में 37 महत्वपूर्ण बिल पारित किए हैं, जिनमें डिस्टर्ब एरिया, धर्मांतरण, कोचिंग और कुएं से पानी निकालने जैसे अहम बिल शामिल हैं। सत्ता पक्ष का फ्लोर मैनेजमेंट पूर्ण रूप से सफल रहा, जबकि विपक्ष बिखरा हुआ था।

नदियों के प्रदूषण के मुद्दे पर पटेल ने कहा कि सरकार पूरी तरह सजग और चिंतित है। उन्होंने बताया कि बांडी, लूणी और जोजरी नदियों में प्रदूषित पानी न बहे, इसके लिए पिछले बजट में 172 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बार साठ करोड़ रुपए की राशि डीपीआर बनाने के लिए दी गई है। इसके तहत पाइपलाइन के माध्यम से प्रदूषित पानी को रिफाइनरी ले जाकर साफ किया जाएगा और फिर उसे नदियों में छोड़ा जाएगा या अन्य उपयोग में लिया जाएगा।

शिक्षक भर्ती 2024 के परिणामों में देरी पर मंत्री ने बताया कि ज्यादातर परिणाम जारी हो चुके हैं। उन्होंने देरी का कारण बताते हुए कहा कि जो अभ्यर्थी यूपी या एमपी जैसी बाहरी यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर आए हैं, उनके दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में समय लग रहा है क्योंकि वहां से सहयोग नहीं मिलता है।

वहीं, पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कमर्शियल गैस पर पड़े प्रभाव पर पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। कालाबाजारी रोकने और सिलेंडर की आपूर्ति बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव लगातार बैठकें कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

Share this story