समीक्षा बैठक के दौरान गुल हुई बिजली, ऊर्जा मंत्री बोले- विकास कार्यों में नहीं हो देरी

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समीक्षा बैठक के दौरान गुल हुई बिजली, ऊर्जा मंत्री बोले- विकास कार्यों में नहीं हो देरी


कोटा, 19 जुलाई (हि.स.)। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अध्यक्षता में रविवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली गुल होने से मंत्री, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को करीब छह मिनट तक अंधेरे में बैठक करनी पड़ी। बाद में जनरेटर चालू कर बिजली व्यवस्था बहाल की गई, जिसके बाद बैठक सामान्य रूप से जारी रही।

दोपहर करीब सवा एक बजे शुरू हुई बैठक में सांगोद विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जा रही थी। ऊर्जा मंत्री सड़कों के निर्माण कार्यों की प्रगति पर अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे, तभी सभागार की बिजली चली गई। इस दौरान कर्मचारियों ने प्राकृतिक रोशनी के लिए खिड़कियों के पर्दे हटाए, जबकि बाहर मौजूद कर्मचारी जनरेटर चालू करने में जुट गए। करीब छह मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर बैठक पुनः सामान्य रूप से संचालित हुई।

बैठक में ऊर्जा मंत्री ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से टालने की प्रवृत्ति समाप्त होनी चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नया कार्य मॉडल अपनाने के निर्देश भी दिए।

मंत्री ने तीन-तीन ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर कनिष्ठ अभियंताओं (जेईएन) की जिम्मेदारी तय करने तथा पंचायत मुख्यालय पर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खेतों के रास्तों और श्मशान घाटों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान किसी भी गांव से यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि अंतिम संस्कार तिरपाल के नीचे करना पड़े। उन्होंने श्मशानों तक सुगम पहुंच मार्ग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने श्मशान स्थलों पर टीन शेड के स्थान पर आरसीसी मॉडल अपनाने, आवश्यकता वाले गांवों में श्मशान भूमि का सर्वे कर आवंटन सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने पर जोर दिया। साथ ही इंटरलॉकिंग एवं सीसी सड़कों के साथ मजबूत वी-शेप नालियों के निर्माण तथा क्षतिग्रस्त नालियों के पुनर्निर्माण के निर्देश भी दिए।

बैठक में ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सीएसआर योजनाओं तथा लटूरी में गोवर्धन परियोजना के तहत स्थापित गोबर गैस संयंत्र की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से भविष्य में गैस सिलेंडर भरने की योजना के संबंध में विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करने को कहा।

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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