समाज में बढ़ते नशे के अभिशाप को जड़ से मिटाने के मिशन राेशनी अभियान में जुड़कर दें नई दिशा

WhatsApp Channel Join Now
समाज में बढ़ते नशे के अभिशाप को जड़ से मिटाने के मिशन राेशनी अभियान में जुड़कर दें नई दिशा


बीकानेर, 18 अप्रैल (हि.स.)। समाज में बढ़ते नशे के अभिशाप को जड़ से मिटाने एवं युवाओं को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से एन. आर. असवाल चैरिटेबल संस्था एवं मनोचिकित्सक डॉ सिद्धार्थ असवाल के संयुक्त तत्वाधान में संचालित मिशन रोशनी अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

मनाेचिकित्सक डाॅ. असवाल ने पत्रकाराें काे बताया कि मिशन रोशनी एक राह है सामाजिक बदलाव की और यह सामाजिक बदलाव कोई सामान्य बदलाव नहीं है। यह बदलाव उन लोगों के लिए है जो अपने अच्छे-खासे जीवन में तरह-तरह का नशे का सेवन करके अपने जीवन में घोर अंधेरा उत्पन्न कर लेते हैं। इस अंधेरे में उनके सपने, उनकी आकांक्षाएं उनके बच्चों की पढ़ाई, उनके परिवार का भविष्य और उनकी आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा सब बर्बाद हो जाती है। ऐसे लोग जो नशे के अंधकार में डूब गए हैं उन्हें नशा मुक्त कर उनके जीवन में रोशनी उत्पन्न कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़कर उनके की जीवन में बदलाव लाना है और यह बदलाव आप सब के सहयोग के बिना संभव नहीं है।

उन्‍होंने बताया कि बीकानेर शहर में नशे की वर्तमान स्थिति को लेकर किए गए विभिन्न अध्ययनों एवं रिपोर्ट के अनुसार आंकड़े काफी चिंताजनक है। बीकानेर में नशे का स्वरूप पारंपरिक से लेकर आधुनिक ड्रग्स तक फैला हुआ है पहले लोग यहां तंबाकू बीड़ी सिगरेट भांग और शराब का सेवन करते थे वहीं वर्तमान में यहां अफीम स्मैक, हीरोइन, चिट्ठा, ज्वाइंट एमडी और विभिन्न प्रकार के मेडिकल के नशो का प्रयोग करने लगे हैं।

डाॅ. असवाल के अनुसार लगभग 25.14% आबादी किसी न किसी रूप में नशे का सेवन करती है। बीकानेर की लगभग 8.7 लाख की शहरी आबादी में से लगभग 2 लाख लोग (हर चौथा व्यक्ति) नशे का प्रयोग करता है।

उन्हाेंने पत्रकाराें से कहा कि चिंता का विषय पिछले 10 वर्षों में 10-17 वर्ष के बच्चों/किशोरों में नशे की प्रवृत्ति 2% से बढ़कर 14% हो गई है। कॉलेज जाने वाली युवा पीढ़ी के लगभग 29.5% छात्र किसी न किसी नशे के चंगुल में हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

Share this story