शिक्षा, समर्पण और संस्थागत प्रयासों से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव : गजेन्द्र सिंह शेखावत

WhatsApp Channel Join Now
शिक्षा, समर्पण और संस्थागत प्रयासों से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव : गजेन्द्र सिंह शेखावत


जोधपुर, 04 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सम्मान केवल उपलब्धि का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का स्मरण भी कराता है। समाज का भविष्य आज जिन बच्चों और युवाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उन्हीं के हाथों में निहित है।

रविवार को मारवाड़ राजपूत सभा के तत्वावधान में आयोजित भामाशाह एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मारवाड़ राजपूत सभा द्वारा निरंतर प्रतिभा सम्मान कार्यक्रमों का आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना और प्रेरणा का संचार कर रहा है। उन्होंने शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल और कौशल विकास के क्षेत्रों में संगठित और संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

शेखावत ने कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को केवल सम्मान तक सीमित न रहकर प्रतिभाओं के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए स्थायी व्यवस्थाएं विकसित करनी चाहिए। उन्होंने गुजरात सहित अन्य राज्यों के उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार छोटे स्तर पर शुरू किए गए सामाजिक शिक्षण संस्थान आज हजारों युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिला रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने समाज के प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि वे समर्पित और निःस्वार्थ कार्यकर्ताओं को आगे लाकर ऐसे शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना करें, जो आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन सकें।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सौभाग्यशाली है, क्योंकि उसे उस दौर में कार्य करने का अवसर मिला है, जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। आज सम्मानित हो रहे युवा ही आगामी 20 से 25 वर्षों में विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगे। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सभी प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा, पुरुषार्थ और सेवा की भावना से ही समाज और राष्ट्र सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Share this story