शाही लवाजमे के साथ शुक्रवार को निकलेगी राज गणगौर की सवारी
जोधपुर, 26 मार्च (हि.स.)। मेहरानगढ़ दुर्ग के नागणेच्या माता मंदिर से परंपरानुसार खासे में सज धज कर राज गणगौर की सवारी शाही लवाजमे व ढोल ढमाके के साथ 27 मार्च को सांय 5.15 बजे निकलेगी व फतेहपोल होकर रानीसर पहुंचेगी।
मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया कि किले के नागणेच्या माताजी मन्दिर के प्रांगण में हेमलता राज्ये व गायत्री राज्ये द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी, बाद में पूर्व राजपरिवार की महिलाओं द्वारा परिक्रमा कर पूजा-अर्चना होगी व राजपुरोहित व राजव्यास द्वारा परम्परागत गणगौर माता की पूजा किये जाने के बाद घूमर नृत्य, गणगौर गीत गायन के साथ राज गणगौर की सवारी महलों से नीचे उतरेंगी। नागणेच्चा मंदिर से पूरबियों की वेशभूषा में सफेद जामा केसरिया पगड़ी और कमरबंद बांधे हुए पालकी वाहक खासे को कंधे पर उठा कर विदा होंगे।
खासे लवाजमे के प्रतीक किरणिया, त्रिशूल, थम्भ, महिमरातिब, छंवर, सोने-चांदी की छडिय़ा धारण किये हुए छड़ीबरदार और जुलूस के आगे राज परिवार के मारवाड़ स्टड के घोड़े पर मारवाड़ का पचरंगा निशान फहराये हुए चलेंगे। जुलूस के अंत में सूतरी नगाड़ा व नोबत होंगे। आगे शाही निशान, पताका, स्वर्ण व चांदी की छड़ी थामे शाही लवाजमा तथा पालकी वाहकों के कंधे पर खासा पालकी में सजी स्वर्णाभूषणों व शाही वेश में लक-दक राज गणगौर की सवारी मेहरानगढ़ के महलों से सूरजपोल, लोहापोल, इमरती पोल होते हुए राव जोधा के फलसे से होकर चोकेलाव महल पहुंचेंगी।
पूर्व नरेश गजसिंह राज गणगौर की सवारी के जुलूस में चोकेलाव महल से शरीक होंगे। साथ में परम्परागत महाराज, रावराजा, सिरायत, सिरदार, मुत्सदी, एहलकार, नागरिक, राजवेदिया, राजव्यास, दानाध्यक्ष, राजजोशी भी साथ होंगे। गज सिंह किले के फतेह पोल के बाहर स्थित गणेशजी की मूर्ति की पूजा करेंगे। रानीसर पर गजसिंह द्वारा राज गणगौर की सवारी का विधिवत् पूजन व जल अर्पण होगा एवं भोळावणी की रस्म अदायगी की जाएगी। इस अवसर पर अन्य मोहल्लों से आई हुई गणगौरो का भी स्वागत किया जाएगा।
भोळावणी मेला फगड़ा घुड़ला कल
मारवाड़ का पारंपरिक लोक पर्व के रूप में मनाया जाने वाला फगड़ा घुडला भोळावणी मेला 27 मार्च को आयोजित होगा। जिसमे पारंपरिक झांकियां के साथ में लोक संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। फगड़ा घुड़ला मेला आयोजन कमेटी सचिव प्रीतम शर्मा ने बताया कि यह मेला ओलम्पिक रोड से शुरू होकर जालोरी गेट, भीतरी शहर, खांडा फलसा, कुमारियां कुआं, सिटी पुलिस होते हुए तुअरजी के झालरे पर विसर्जित होगा। समिति के अध्यक्ष चंद्र मोहन गांधी ने बताया कि इस बार मेला संयोजक संजय आसोपा अविनाश गांधी रहेंगें। झांकी चुनने की बागडोर सुनील धारीवाल तरुण शर्मा संभालेंगे। मेले में हर बार की तरह इस बार भी पुरुष ही महिला भेष धारण कर सज धज कर घुड़ला सर पर उठाए बन ठन कर चलेगा। इसके साथ बैंड की स्वर लहरियों के साथ कुछ सामाजिक व सांस्कृतिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

