वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में आयुर्वेद की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ी: डॉ. गोस्वामी

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वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में आयुर्वेद की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ी: डॉ. गोस्वामी


जोधपुर, 08 जून (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट के निदेशक डॉ. राकेश कुमार शर्मा द्वारा आयोजित कंटीन्यूअस कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यानों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डॉ तन्मय गोस्वामी ने ऑनलाइन माध्यम से आयुर्वेद के वैश्विक परिपेक्ष में अध्येताओं को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में आयुर्वेद की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है। कार्यक्रम की इसी श्रृंखला में पधारे अतिथि एस-व्यासा विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के प्रो-चांसलर प्रो. बी. आर. रामकृष्ण ने वर्तमान स्वास्थ्य प्रबंधन परिदृश्य में आयुर्वेद स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की संभावनाएं एवं भविष्य विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने आयुर्वेद स्नातकोत्तर शिक्षा के बदलते आयामों, रोजगार एवं अनुसंधान के अवसरों तथा स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि शिक्षण, अनुसंधान एवं रोगी सेवा में गुणवत्ता संवर्धन हेतु क्षमता निर्माण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को नवीन ज्ञान, कौशल एवं समसामयिक विषयों से जोड़ते हुए आयुष शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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