रेलवे कारखाने में डिजिटल सुविधा से लाभान्वित हो रहे पेंशनर्स
जोधपुर, 07 नवम्बर (हि.स.)। पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराने के लिए बैंक और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर कार्यशाला में चल रहे डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान ने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों के लिए यह प्रक्रिया आसान बना दी है। अब फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से पेंशनभोगी घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं। इस सुविधा के जरिए अब तक 320 सेवानिवृत्त कर्मचारी लाभान्वित हो चुके हैं।
इसी कड़ी में कार्यशाला के बीटीसी हॉल में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत विशेष मेगा कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीणा के मार्गदर्शन तथा सहायक वित्त सलाहकार रशीद अरशद कादरी और सहायक कार्मिक अधिकारी राधेश्याम चितारा के नेतृत्व में आयोजित शिविर में एसबीआई की यूआईटी और स्टेशन शाखा का सहयोग मिल रहा है।
इस दौरान रवि मीणा ने पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से मोबाइल के जरिए घर बैठे ही जीवन प्रमाण-पत्र जमा किया जा सकता है। इससे बैंक या कार्यालय जाने की जरूरत नहीं रहती और समय व श्रम दोनों की बचत होती है।
अभियान पूरे नवंबर माह तक जारी रहेगा। शिविर में लेखा विभाग के वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी राजकुमार आसुदानी, वरिष्ठ लेखाकार ज्ञान सिंह गहलोत, सौरभ खंडेलवाल, आशीष जांगिड़ और प्रेम सिंह चौहान सहित एसबीआई की दोनों शाखाओं के कर्मचारियों ने सहयोग किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

