राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के 75 रेल अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

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राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के 75 रेल अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव


काेटा, 30 मई (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे की वैगन रिपेयर शॉप, कोटा मे बाेगी टैंक पेट्राेल एवं नेफ्ता (बीटीपीएन) एवं बीटीपीजीएलएन टैंक वैगनों के अनुरक्षण, डिज़ाइन सुधार एवं नवीन तकनीकी संशोधनों पर केंद्रित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में भारतीय रेल के विभिन्न जोनों एवं मंडलों से आए लगभग 75 अधिकारियों, पर्यवेक्षकों तथा तकनीकी कर्मचारियों ने भाग लिया, जो टैंक वैगनों के अनुरक्षण एवं परिचालन गतिविधियों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की यह कार्यशाला वैगन रिपेयर शॉप, कोटा के मुख्य कारखाना प्रबंधक सुधीर सरवरिया के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम में अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के निदेशक संजय कुमार तथा रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (मुख्य यांत्रिक अभियंता/माल) अमर देव प्रताप सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की।

इस अवसर पर उप मुख्य यांत्रिक अभियंता (प्रथम) दिलीप सिंह मीणा, उप मुख्य यांत्रिक अभियंता (द्वितीय) पुरुषोत्तम मीणा, वर्क्स मैनेजर राजेश पटेल एवं सहायक वर्क्स मैनेजर अंकित तिवारी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने टैंक वैगनों के अनुरक्षण से संबंधित नवीनतम तकनीकी निर्देशों, डिज़ाइन सुधारों तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रखरखाव के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य टैंक वैगनों के अनुरक्षण से जुड़ी नवीनतम तकनीकों और दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रसार, विभिन्न रेल इकाइयों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान तथा फील्ड स्तर से प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर डिज़ाइन सुधारों की संभावनाओं पर चर्चा करना था। इस दौरान तकनीकी व्याख्यान, विशेषज्ञ प्रस्तुतियां, व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र तथा आरओएच एवं पीओएच अनुरक्षण प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को बीटीपीएन वैगनों में हाल ही में लागू किए गए नवीन संशोधनों, उनके विभिन्न घटकों की कार्यप्रणाली तथा उनसे प्राप्त होने वाले परिचालन एवं अनुरक्षण संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन संशोधित वैगनों के बड़े पैमाने पर परिचालन में आने के साथ ही सभी अनुरक्षण इकाइयों एवं कार्यशालाओं को आवश्यक तकनीकी दक्षता, प्रशिक्षित मानव संसाधन एवं आधुनिक उपकरणों के साथ तैयार रहना होगा।

कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने सुरक्षित, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले टैंक वैगन अनुरक्षण को भारतीय रेल की माल परिवहन प्रणाली की मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में निरंतर तकनीकी उन्नयन और ज्ञान-साझाकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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