राजस्थान विधानसभा में भारी हंगामा, कार्यवाही पांच बार स्थगित
जयपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में शनिवार को सरकार के दो साल के कामकाज के प्रतिवेदन पर चर्चा को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने ‘दो साल बनाम पांच साल’ पर बहस कराने की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष केवल दो साल के प्रतिवेदन पर चर्चा कराने पर अड़ा रहा। विवाद इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाहीपांच बार स्थगित करनी पड़ी।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार के दो साल के कार्यकाल के प्रतिवेदन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में ‘पांच साल बनाम दो साल’ पर बहस कराने का निर्णय हुआ था। केवल दो साल के प्रतिवेदन पर चर्चा करना तय व्यवस्था के खिलाफ है। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पांच फरवरी को मुख्यमंत्री के सदन में बयान का हवाला देते हुए कहा कि बहस दो साल बनाम पांच साल पर करवाने की सीएम ने घोषणा की थी। यहां इस प्रस्ताव से मुख्यमंत्री की बेइज्ज्जती हो रही है। जब मुख्यमंत्री की बात की ही वैल्यू नहीं है तो फिर हमारा क्या मतलब है। इसे लेकर लंबी नोकझोंक हुई। पटेल और डोटासरा के बीच नोकझोंक होने के बाद भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
हंंगामें के बीच कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने एक-दूसरे पर बहस से भागने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष टीकारााम जूली ने कहा कि सरकार के मंत्री बहस से भागकर इसका इल्जाम हम पर डालना चाहते हैं। बहस करें तो पांच साल बनाम दो साल का प्रस्ताव रखिए, केवल दो साल का ही प्रस्ताव क्यों रखा? हंगामे के बीच मंत्री अविनाश गहलोत और जवाहर बेढ़म ने कहा कि कांग्रेसी कायर हैं, ये बहस से भागना चाहते हैं। इस दौरान कांग्रेस विधायक वेल में नारेबाजी करते रहे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हंगामे के बीच 3 बजकर 27 मिनट पर सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्रवाई दोबारा आधे घंटे के लिए 4 बजकर 37 मिनट तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद कार्यवाही तीसरी बार 5 बजे तक के लिए स्थगित की गई। शाम पांच बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। इस दौरान स्पीकर ने भाजपा विधायक अतुल भंसाली का नाम बहस के लिए पुकारा, लेकिन शोरगुल के बीच नौ मिनट बाद ही सदन को 5:45 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। 5:45 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरु होने पर विपक्ष का हंगामा नहीं रुका तो विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही पांचवीं बार छह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

