राजस्थान में मानसून पड़ा सुस्त, 15 जुलाई के बाद फिर सक्रिय होने की संभावना
जयपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में मानसून का पहला दौर कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियां लगभग थम गई हैं। रविवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा और केवल बूंदी जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान पांच मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले में अगले 24 घंटे तक बारिश की संभावना नहीं है, जबकि केवल नौ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों में आंशिक रूप से बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं और अब 15 जुलाई के बाद नया मौसम तंत्र बनने पर बारिश का दौर दोबारा तेज होने की उम्मीद है।
बारिश का सिलसिला थमने के साथ ही प्रदेश में गर्मी और उमस फिर बढ़ने लगी है। रविवार को फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके अलावा बीकानेर में 38.1, चूरू में 38.5, अलवर में 38, श्रीगंगानगर में 38 तथा झुंझुनूं के पिलानी में 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।
मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 जुलाई के बीच जयपुर और सीकर जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। वहीं सोमवार और मंगलवार को जोधपुर तथा बीकानेर संभाग में तेज हवा चलने का अनुमान है।
फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि अगले दो-तीन दिनों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 15 जुलाई के बाद नया मौसमी तंत्र बनने पर मानसून एक बार फिर सक्रिय होकर प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश करा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

