राजस्थान में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से बदली स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, 11 हजार से अधिक केंद्र हुए संचालित
जयपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में अब तक 11 हजार 500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा चुके हैं, जहां लोगों को घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
राज्य सरकार ने 18 हजार 436 स्वास्थ्य संस्थानों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में 8,370 उप स्वास्थ्य केंद्र, 2,107 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 286 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 728 शहरी जनता क्लीनिक इस योजना के तहत सेवाएं दे रहे हैं। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संचारी रोगों की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल सहित 12 प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में भी योजना ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से जोड़ा गया है।
इससे मरीज अपने गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श ले रहे हैं। अब तक प्रदेश में 31 लाख से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्यभर में 44.49 लाख से अधिक वेलनेस सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनसे करीब 4 करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से योग, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत 121 प्रकार की आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके अलावा हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, गर्भावस्था जांच, मलेरिया, डेंगू, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग सहित 14 प्रकार की आवश्यक जांच सुविधाएं भी निःशुल्क उपलब्ध हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अब बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि गांव-ढाणी और शहरी मोहल्लों तक पहुंच गई हैं। इससे लोगों को समय पर उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह, निःशुल्क दवाइयां और जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल रही है, जिससे प्रदेश में जनस्वास्थ्य के नए मानक स्थापित हो रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

