राजस्थान में 567 किलाेमीटर लंबा हिस्सा, उद्योगों को तेज और भरोसेमंद रेल माल परिवहन का लाभ : बेहतर माल परिवहन कनेक्टिविटी

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राजस्थान में 567 किलाेमीटर लंबा हिस्सा, उद्योगों को तेज और भरोसेमंद रेल माल परिवहन का लाभ : बेहतर माल परिवहन कनेक्टिविटी


काेटा, 07 सितंबर (हि.स.)। देश में माल परिवहन को अधिक तेज, भरोसेमंद और किफायती बनाने में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक 1,506 किलोमीटर तथा पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर साहनेवाल से सोननगर तक 1,337 किलोमीटर लंबा है। इससे राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी, कोटा साैरभ जैन के अनुसार पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का सबसे लंबा 567 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरता है। इससे जयपुर, अजमेर, पाली और जोधपुर क्षेत्र के विनिर्माण, वस्त्र, सिरेमिक एवं मार्बल उद्योगों को उच्च क्षमता और भरोसेमंद माल परिवहन की सुविधा मिल रही है। साथ ही प्रदेश के उद्योगों एवं एमएसएमई को बंदरगाहों तक बेहतर पहुंच मिलने से आयात-निर्यात परिवहन सुगम हो रहा है। कॉरिडोर के आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

पश्चिमी कॉरिडोर के माध्यम से दादरी एवं एनसीआर क्षेत्र को पश्चिमी बंदरगाह से बेहतर माल परिवहन संपर्क मिलता है। वहीं पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का सर्वाधिक 1,078 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, जिससे कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी सहित औद्योगिक एवं कृषि क्षेत्रों के लिए कोयला, सीमेंट, स्टील और उर्वरक जैसी वस्तुओं का परिवहन अधिक सुगम हो रहा है।

यद्यपि दोनों मुख्य डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर सीधे मध्य प्रदेश से नहीं गुजरते, लेकिन भारतीय रेल नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक एवं माल परिवहन केंद्रों को इन कॉरिडोर से जुड़ी बेहतर माल ढुलाई व्यवस्था का अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर लंबी दूरी का माल सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित होने से प्रमुख राजमार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम करने, ईंधन की बचत, परिवहन लागत एवं समय घटाने तथा पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है। इससे यात्री एवं मालगाड़ियों के लिए मौजूदा रेल नेटवर्क की क्षमता के बेहतर उपयोग में भी सहायता मिलती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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