मुख्यमंत्री से शिकायत के कुछ घंटों में सुधरी छह महीने से खराब पेयजल पाइपलाइन, रात में ही पहुंची प्रशासन की टीम
जयपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। छह महीने से क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन के कारण परेशानी झेल रहे गंगापुर सिटी के एक परिवार को शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही घंटों में राहत मिल गई।
वार्ड संख्या 37 निवासी विकास वाल्मीकि ने राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 पर अपनी समस्या दी थी। हेल्पलाइन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनसे सीधे संवाद कर समस्या सुनी और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की टीम सक्रिय हुई तथा रात में ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई।
विकास वाल्मीकि के क्षेत्र में पिछले करीब छह महीने से पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त थी, जिससे उनका परिवार परेशान था। कई महीनों से बनी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने हेल्पलाइन-181 का सहारा लिया। मुख्यमंत्री ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्देश मिलने के बाद उपखंड अधिकारी विनोद कुमार सहित प्रशासन और पीएचईडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। विभागीय टीम ने आवश्यक संसाधनों और श्रमिकों की मदद से मरम्मत कार्य शुरू कराया।
प्रशासनिक समन्वय और विभागीय कार्रवाई के चलते उसी रात पाइपलाइन दुरुस्त कर दी गई।
मौके पर वार्ड संख्या 37 के पार्षद पदम जोशी और वार्ड संख्या 38 के पार्षद सतीश भी मौजूद रहे। समस्या का समाधान होने पर विकास वाल्मीकि और दोनों पार्षदों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
राज्य सरकार के अनुसार, हेल्पलाइन-181 की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है।
प्रतिदिन एक वरिष्ठ अधिकारी हेल्पलाइन नियंत्रण कक्ष का दौरा कर अपने विभाग से संबंधित शिकायतों, उनके समाधान, परिवादियों की संतुष्टि और निस्तारण में लगने वाले समय की समीक्षा करता है।
इसी क्रम में 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और 10 अक्टूबर को मुख्य सचिव ने नियंत्रण कक्ष का दौरा कर शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया तथा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों की समीक्षा की। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 के माध्यम से पुराने लंबित मामलों सहित कुल 28,08,716 परिवादों का निस्तारण किया गया।
यह अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 की पिछली छह महीने की अवधि की तुलना में करीब 65 प्रतिशत अधिक है।
शिकायतों के समाधान में लगने वाला औसत समय भी 16 दिन से घटकर 12 दिन रह गया है। वहीं, परिवादियों का संतुष्टि स्तर 64.82 प्रतिशत से बढ़कर 67.98 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही के माध्यम से शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

