भीलवाड़ा में एमडी ड्रग फैक्ट्री पर चला बुलडोजर, अवैध फार्म हाउस ध्वस्त
भीलवाड़ा, 20 जून (हि.स.)। भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया उपखंड के चंपापुर गांव की पहाड़ियां शनिवार को उस समय कार्रवाई की गूंज से दहल उठीं, जब जिला प्रशासन ने अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री के रूप में इस्तेमाल हो रहे फार्म हाउस पर बुलडोजर चला दिया। जेसीबी के दहाड़ते पहियों के बीच कुछ ही मिनटों में वह पक्का निर्माण मलबे में तब्दील हो गया, जहां से प्रदेश में जहर फैलाने की साजिश रची जा रही थी।
बिजौलिया तहसीलदार ललित डीडवानिया के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा तैयार मौका पर्चा और जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माण को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारियों के साथ भारी पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा।
जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह राणा जी का गुढ़ा निवासी एक राजपूत परिवार के नौ खाताधारकों के नाम दर्ज है। आरोप है कि भंवर बंजारा नामक व्यक्ति ने जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कराया। यहां तीन कमरे, एक बरामदा, किचन तथा लेट-बाथ जैसी सुविधाएं तैयार की गई थीं। बाद में इस फार्म हाउस को करीब 7 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर ड्रग तस्करों को दे दिया गया।
सबसे चैंकाने वाली बात यह रही कि यह निर्माण महज छह महीने पहले खड़ा किया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार एक-दो वर्ष पूर्व वहां ऐसा कोई निर्माण मौजूद नहीं था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री में ड्रग निर्माण का काम केवल दो-तीन दिन पहले ही शुरू हुआ था। यानी मौत का यह कारोबार पूरी तरह रफ्तार पकड़ता, उससे पहले ही पुलिस ने शिकंजा कस दिया।
तीन दिन पूर्व पुलिस की बड़ी कार्रवाई में यहां से करीब 36 किलोग्राम एमडीएमए, 155 लीटर एमएम केमिकल, 30 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड तथा 8.50 किलोग्राम कास्टिक सोडा बरामद किया गया था। बरामद सामग्री से अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाजार में करोड़ों रुपये का नशा खपाने की तैयारी थी।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चाैंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस को बताया गया कि एक आरोपित मध्य प्रदेश जाकर ड्रग बनाने की तकनीक सीखकर आया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री स्थापित करने में लगभग 20 से 25 लाख रुपये खर्च किए गए। इस पूरे नेटवर्क के पीछे संगठित और प्रशिक्षित गिरोह होने की आशंका गहरा गई है।
फिलहाल तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं जबकि एक आरोपित अभी भी फरार है। बडलियास थाना पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपिताें से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि रॉ मैटेरियल कहां से आया, तैयार माल किन राज्यों में भेजा जाना था और इस कारोबार के पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
प्रशासन अब केवल फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहता। तहसीलदार ने संकेत दिए हैं कि आरोपिताें की अन्य अवैध संपत्तियों की भी जांच होगी। इससे साफ है नशे का यह खेल अब बड़े खुलासों की ओर बढ़ रहा है, और संभव है कि आने वाले दिनों में कई बड़े नाम बेनकाब हों।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद

