भाजपा की संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को मूल्यों—आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना: मदन राठौड़

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भाजपा की संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को मूल्यों—आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना: मदन राठौड़


भाजपा की संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को मूल्यों—आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना: मदन राठौड़


जयपुर, 3 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला का कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जयपुर में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन सत्र को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने संबोधित किया। कार्यशाला को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी संबोधित किया। इस दौरान भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पुनिया, अशोक परनामी, महामंत्री भूपेंद्र सैनी, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड,सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना है। आज संगठनात्मक सत्रों में हर विषय पर गंभीर चिंतन किया गया। विशेष रूप से कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि आदर्श परिवार ही आदर्श समाज की नींव होता है। भाजपा की राजनीति सेवा भाव पर आधारित है। हम सब राजनीति में सेवक के रूप में आए हैं और जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने संगठन के भीतर संयम, संतुलन और आपसी समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचना चाहिए और सकारात्मक सोच के साथ काम करना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता में भी संयम, संवेदना और संवाद की भावना जागृत करनी चाहिए। कहीं भी कटुता उत्पन्न हो,तो संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकात्मता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारी राजनीति आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। राठौड़ ने गांधीवादी दृष्टिकोण, सर्वधर्म समभाव और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत, इतिहास और पूर्वजों पर गर्व करना चाहिए तथा गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह त्यागना होगा। देश अब स्वतंत्र है और स्वतंत्र सोच के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नागरिकों में कर्तव्यबोध जागृत करना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कार्य करना हम सभी का दायित्व है। कार्यकर्ता पार्टी की आत्मा हैं और संगठन कार्यकर्ताओं से ही बनता है। इसलिए उनका सम्मान सर्वोपरि है। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह कार्यशाला केवल कार्यकर्ताओं को जनसेवा, संगठनात्मक अनुशासन और जीवन मूल्यों की शिक्षा देने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं के धैर्य, समर्पण और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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