बांसवाड़ा में 3 से 5 जनवरी तक अभाविप का 61वां प्रांत अधिवेशन, अस्थायी ‘वीर बाला कालीबाई नगर’ होगा स्थापित

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बांसवाड़ा में 3 से 5 जनवरी तक अभाविप का 61वां प्रांत अधिवेशन, अस्थायी ‘वीर बाला कालीबाई नगर’ होगा स्थापित


बांसवाड़ा, 01 जनवरी (हि.स.)। सौ द्वीपों के शहर बांसवाड़ा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के चित्ताैड. प्रांत का 61वां प्रांत अधिवेशन 3 से 5 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय इस आयोजन के लिए शहर में अस्थायी रूप से ‘वीर बाला कालीबाई नगर’ बसाया जाएगा। अधिवेशन में प्रदेशभर से 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद और संगठन के पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल रहेंगे।

अभाविप के प्रांत मंत्री जितेंद्र लोधा ने बताया कि अधिवेशन का मुख्य सभागार जल–जंगल–जमीन और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रखा गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जनजाति गौरव’ विषय पर केंद्रित एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसे गोविंद गुरु जी के नाम समर्पित किया गया है। इस प्रदर्शनी में आदिवासी समाज के सामाजिक सुधार आंदोलनों और भगत आंदोलन के इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

अधिवेशन का विधिवत उद्घाटन 3 जनवरी 2026 को होगा। उद्घाटन समारोह में महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 4 जनवरी को शहर में शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद खुले अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा।

प्रांत अधिवेशन के दौरान शिक्षा, समाज, जनजाति कल्याण, पर्यावरण और छात्रसंघ व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा और विभिन्न प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केशव सिंह ठाकुर तथा अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्विनी शर्मा द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी में गोविंद गुरु जी सहित जनजातीय गौरव योद्धाओं का इतिहास, वंदे मातरम् के 150 वर्ष, आपातकाल के 50 वर्ष, रानी अब्बक्का और प्रो. यशवंतराव केलकर के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया जाएगा।

प्रांत मंत्री जितेंद्र लोधा ने कहा कि यह अधिवेशन केवल संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने का मंच है। वागड़ अंचल की धरती पर आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा और समाज से जुड़े समकालीन मुद्दों पर मंथन कर भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुभाष

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