फर्जी बॉस और नियामक संस्था बनकर ठगी कर रहे साइबर अपराधी

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फर्जी बॉस और नियामक संस्था बनकर ठगी कर रहे साइबर अपराधी


जयपुर, 24 जून (हि.स.)। डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों और संस्थानों को निशाना बना रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है कि इन दिनों साइबर ठग फर्जी बॉस, कंपनी प्रमुख अथवा नियामक संस्था के प्रतिनिधि बनकर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को किसी वरिष्ठ अधिकारी, कंपनी प्रमुख, बैंकिंग संस्था या नियामक एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर ईमेल, व्हाट्सएप संदेश अथवा फोन कॉल करते हैं। इसके बाद वे कर्मचारियों, विशेष रूप से वित्तीय कार्यों से जुड़े कार्मिकों पर तत्काल भुगतान या गोपनीय वित्तीय लेन-देन करने का दबाव बनाते हैं।

उन्होंने बताया कि अपराधी पहले किसी जिप फाइल, संदिग्ध लिंक या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करवाते हैं। जैसे ही संबंधित फाइल खोली जाती है, मालवेयर सिस्टम या व्हाट्सएप वेब तक पहुंच बनाकर महत्वपूर्ण जानकारियां चुरा लेता है। इसके बाद अपराधी अधिकारी के नाम से संदेश भेजकर खातों में धनराशि ट्रांसफर करवाने का प्रयास करते हैं।

एडीजी वीके सिंह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था तत्काल भुगतान, गोपनीय लेन-देन या दबावपूर्ण निर्देश दे रही हो, अनजान स्रोत से जिप फाइल या सॉफ्टवेयर भेजा गया हो, संदिग्ध ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया हो अथवा किसी नियामक संस्था के नाम से असामान्य संदेश प्राप्त हो रहे हों, तो सतर्क हो जाना चाहिए।

साइबर क्राइम शाखा ने सलाह दी है कि किसी भी भुगतान संबंधी निर्देश की स्वतंत्र रूप से फोन कॉल या व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से पुष्टि अवश्य करें। अज्ञात स्रोतों से प्राप्त लिंक, फाइल या सॉफ्टवेयर कभी डाउनलोड न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) या अन्य नियामक संस्थाएं व्हाट्सएप के माध्यम से जिप फाइल या सॉफ्टवेयर नहीं भेजती हैं।

इसके अलावा व्हाट्सएप वेब और लिंक्ड डिवाइस की नियमित जांच करें, एंटीवायरस और सुरक्षा सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें तथा वित्तीय लेन-देन में टू-फैक्टर वेरिफिकेशन का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।

राजस्थान पुलिस ने आमजन और संस्थानों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को देने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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