पौधा नहीं, पौधारोपण का तरीका भी सिखाएगा जेडीए

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पौधा नहीं, पौधारोपण का तरीका भी सिखाएगा जेडीए


जयपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) इस वर्ष मानसून के दौरान केवल रियायती दर पर पौधे ही वितरित नहीं करेगा, बल्कि पहली बार आमजन को वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण का प्रशिक्षण भी देगा, ताकि पौधों की जीवित रहने की दर बढ़ाई जा सके और शहर में हरियाली का वास्तविक विस्तार हो।

जेडीए की ओर से बुधवार से 80 हजार से अधिक पौधों का वितरण शुरू किया जाएगा। इस बार पांच फीट तक के पौधे 50 रुपये तथा 10 फीट ऊंचाई के पौधे 80 रुपये में उपलब्ध कराए जाएंगे। जेडीए का कहना है कि पौधों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वितरण केंद्र पर वैज्ञानिक पद्धति से पौधारोपण की सात चरणों वाली (स्टेप-बाय-स्टेप) जानकारी भी दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार शहर में सेंट्रल पार्क, वुडलैंड पार्क, जवाहर सर्किल, निलय कुंज पार्क, रामनिवास बाग, नेहरू बालोद्यान, वैशाली नर्सरी पार्क और स्वर्ण जयंती पार्क सहित 13 केंद्रों से छायादार, फलदार और फूलदार पौधों का वितरण किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर पौधारोपण की विधि संबंधी जानकारी वाले बैनर लगाए जाएंगे तथा पौधे लेने आने वाले लोगों को रोपण और संरक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

वरिष्ठ उद्यान विज्ञानी दिलीप शर्मा ने बताया कि पौधों के सही रोपण और देखभाल की जानकारी मिलने से उनकी सर्वाइवल दर बढ़ेगी और शहर में हरियाली का ग्राफ बेहतर होगा। इस वर्ष जेडीए कुल 84 हजार 800 पौधे वितरित करेगा। प्रत्येक व्यक्ति को आधार कार्ड के आधार पर अधिकतम पांच पौधे दिए जाएंगे, जिनमें दो पौधे 10 फीट तथा तीन पौधे पांच फीट ऊंचाई के होंगे। 10 फीट के पौधे के लिए 80 रुपये तथा पांच फीट के पौधे के लिए 50 रुपये निर्धारित किए गए हैं। जेडीए के अनुसार इन पौधों का बाजार मूल्य क्रमशः लगभग 300 रुपये और 150 रुपये है।

जेडीए हर वर्ष सामान्यतः 15 जुलाई के आसपास पौधा वितरण शुरू करता है, लेकिन इस बार अधिकारियों के तबादलों और मानसून में देरी के कारण अभियान समय पर शुरू नहीं हो सका।

उधर, नगर निगम ने भी मानसून अभियान के तहत 31 लाख रुपये की लागत से 2.36 लाख पौधे सरकारी नर्सरियों से खरीदे हैं। इन पौधों की ऊंचाई दो से ढाई फीट या इससे कम है। निगम के अनुसार इन पौधों के प्रति आमजन की अपेक्षाकृत कम रुचि देखने को मिल रही है।

निकाय चुनाव नहीं होने के कारण इस बार निगम में पार्षद नहीं हैं। पहले प्रत्येक पार्षद को अपने क्षेत्र में रोपण और वितरण के लिए 100 से 200 बड़े पौधे उपलब्ध कराए जाते थे। इस बार कई निवर्तमान पार्षदों ने भी निगम से बड़े पौधों की मांग की, लेकिन निगम ने उन्हें उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। हालांकि निगम के पास उपलब्ध छोटे पौधे लेने का विकल्प खुला रखा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

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