पहली से लेकर अंतिम तिमाही तक राजस्व संग्रहण में बनाए रखें गति - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राजस्व संग्रहण प्रदेश की उन्नति और जनकल्याण का आधार है। राजस्व की चोरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्व अर्जन से जुड़े सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष की पहली से अंतिम तिमाही तक राजस्व संग्रहण में समान गति बनाए रखें।
मुख्यमंत्री गुरुवार को राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व चोरी के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, जिसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर संग्रहण प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से तकनीकों एवं नवाचारों के साथ अधिकारी डिकॉय ऑपरेशन्स कर टैक्स चोरी पर अंकुश लगाएं। साथ ही, अन्य राज्यों की कर प्रणालियों का अवलोकन कर प्रदेश में बेस्ट प्रेक्टिसेज लागू करें। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली में नवीन तकनीकों का समावेश करें, जिससे राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति सरल और सुगम हो। उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की प्रभावी पैरवी के भी निर्देश दिए। उन्होंने जीएसटी के संबंध में रिटर्न फाइलिंग कम्पाइलेंस को सख्ती से लागू करने के लिए निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े आठ करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए विकसित एवं समृद्ध राजस्थान के निर्माण की सोच हमारी कार्य-संस्कृति का आधार बने। इसके लिए प्रत्येक विभाग टीम भावना के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को अवैध शराब पर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के परिवहन में जब्त वाहनों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को पंजीयन प्रक्रिया में जियो टैगिंग का उपयोग करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पंजीयन से संबंधित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन पर पूरी तरह से रोकथाम लगाई जाए। इसके लिए खान एवं पेट्रोलियम विभाग ई-रवन्ना प्रक्रिया में जीपीएस एवं सीसीटीवी आधारित तकनीक को प्रभावी रूप से लागू करें, ताकि अवैध खनन पर पूरी निगरानी रखी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग सख्ती के साथ कार्य करें तथा अवैध वाहनों पर कड़ा शिकंजा कसें। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए तथा विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने वाहन बॉडी निर्माण करने वाले अपंजीकृत संस्थानों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्माण कार्यों पर देय सेस की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेस संग्रहण को और सुदृढ़ बनाया जाए। इसके लिए प्रदेश में संचालित निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए एवं सेस संग्रहण की प्रत्येक माह में समीक्षा की जाए।
उन्होंने यूआईटी के माध्यम से नई आवासीय योजनाओं का प्लान शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्लान में पेयजल, सीवरेज, विद्युत, पार्क और पार्किंग सहित सभी मूलभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का समुचित ध्यान रखा जाए, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने राजस्व विभाग को भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज़ चेंज) की प्रक्रिया में नीतिगत सुधार करते हुए इसे अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 33 हजार 969 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है, जो कि पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 11.54 प्रतिशत अधिक है। सरकार द्वारा फर्जी करदाताओं, रिपीट ऑफेंडर्स के संबंध में निरंतर कार्रवाई की जा रही है। राजस्थान फेसलैस स्क्रूटनी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है तथा जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में देश में तीसरे स्थान पर है। वहीं, आबकारी विभाग द्वारा मुखबिर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, आईजी स्टाम्प द्वारा ई-पंजीयन प्रक्रिया और खान एवं पेट्रोलियम विभाग द्वारा खनन पर निगरानी के लिए जीपीएस आधारित तकनीकी नवाचारों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए राजस्व संग्रहण प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव राजस्व एवं उपनिवेशन टी. रविकान्त, प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

