नि:शुल्क तीर्थ-यात्रा योजना : गलत जानकारी देने पर वसूला जाएगा पूरा खर्च

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नि:शुल्क तीर्थ-यात्रा योजना : गलत जानकारी देने पर वसूला जाएगा पूरा खर्च


उदयपुर, 27 मई (हि.स.)। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा संचालित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ-यात्रा योजना में इस बार महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब यदि कोई आवेदक फ्री तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन करते समय गलत जानकारी देता पाया गया, तो उससे यात्रा पर हुआ पूरा खर्च वसूला जाएगा। इसके लिए आवेदन के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को अनिवार्य रूप से घोषणा पत्र भरना होगा।

प्रदेश सरकार इस वर्ष कुल 56 हजार यात्रियों को निशुल्क तीर्थ यात्रा कराएगी। इनमें 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को रेलमार्ग से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे, जबकि 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के माध्यम से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा करवाई जाएगी। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया आज 27 मई से शुरू हो गई है।

ऑनलाइन आवेदन करते समय वरिष्ठ नागरिकों को डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया है। इसमें आवेदक को यह घोषणा करनी होगी कि वह आयकरदाता नहीं है तथा उसने पूर्व में इस योजना के तहत मुफ्त तीर्थ यात्रा का लाभ नहीं लिया है।

इसके अलावा यदि आवेदक स्वयं अथवा उसका पति या पत्नी केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम अथवा स्थानीय निकाय से सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी हैं, तो वे योजना के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर यात्रा करता पाया गया तो सरकार उससे पूरी यात्रा का खर्च वसूल करेगी।

पूर्व में आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवल टिक मार्क के माध्यम से यह जानकारी ली जाती थी कि आवेदक आयकरदाता है या नहीं तथा उसने पहले यात्रा की है या नहीं। कई मामलों में गलत जानकारी सामने आने पर लोग यह कहकर बच जाते थे कि उनसे गलती से गलत विकल्प का चयन हो गया था।

इसी स्थिति को देखते हुए इस बार सरकार ने घोषणा पत्र को अनिवार्य कर दिया है, ताकि केवल पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ मिल सके।

देवस्थान आयुक्त एल.एन. मंत्री के अनुसार वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक व्यक्ति 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं।

सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे। आवेदक स्वयं मोबाइल फोन, कंप्यूटर अथवा ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन देवस्थान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिये किए जाएंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि के बाद पात्र यात्रियों का चयन जिलेवार कंप्यूटराइज्ड लॉटरी (ड्रॉ) के माध्यम से किया जाएगा।

योजना से जुड़े प्रमुख नियम

80 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति हवाई यात्रा के लिए पात्र नहीं होंगे। हवाई यात्रा में किसी भी प्रकार का सहायक साथ नहीं ले जाया जा सकेगा। भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन करने वाले व्यक्ति योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। आवेदक अपने साथ जीवनसाथी या सहायक, दोनों में से किसी एक को ही ले जा सकेंगे। इसकी जानकारी आवेदन के समय देना अनिवार्य होगा।

रेल यात्रा के लिए विशेष प्रावधान

यदि पति-पत्नी दोनों साथ यात्रा कर रहे हैं तो सामान्य परिस्थितियों में सहायक को साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि यदि पति-पत्नी दोनों की आयु 75 वर्ष से अधिक है तथा आवेदन में सहायक का नाम दर्ज किया गया है, तो सहायक साथ यात्रा कर सकेगा। रेल यात्रा में सहायक की आयु 21 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होना आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

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