निकाय और पंचायती राज चुनाव टालने पर डोटासरा का हमला, सरकार पर लगाए जवाबदेही से बचने के आरोप

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निकाय और पंचायती राज चुनाव टालने पर डोटासरा का हमला, सरकार पर लगाए जवाबदेही से बचने के आरोप


जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव टालने को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत सरकार के प्रार्थना पत्र और उसमें दिए गए आठ कारणों को पूरी तरह तर्कहीन और जवाबदेही से बचने का प्रयास बताया।

डोटासरा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने सरकार को 15 अप्रैल तक चुनाव करवाने की समय सीमा दी थी, लेकिन सरकार इसमें पूरी तरह विफल रही। अब चुनाव टालने के लिए जो प्रार्थना पत्र दिया गया है, वह केवल बहाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की हठधर्मिता और अलोकतांत्रिक नीतियां प्रदेश के विकास में बाधा बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ई) और 243 (यू) के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव समय पर करवाना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इससे बच रही है।

डोटासरा ने कर्मचारियों की कमी के तर्क पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार चुनाव से पहले नई भर्तियां निकाल रही है और क्या कुछ महीनों में इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी उपलब्ध हो जाएंगे।

उन्होंने शिक्षा सत्र को कारण बताए जाने को भी अनुचित ठहराते हुए कहा कि देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव विभिन्न परिस्थितियों में सफलतापूर्वक कराए जाते रहे हैं।

ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण प्रक्रिया के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने कहा कि सरकार इनका उपयोग केवल चुनाव टालने के बहाने के रूप में कर रही है, जबकि न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित करना संविधान की अवहेलना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता का सामना करने से बच रही है। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस शासन में कोरोना जैसी विषम परिस्थितियों में भी चुनाव सफलतापूर्वक कराए गए थे, ऐसे में वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में चुनाव टालना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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