नशे को सार्वजनिक मान्यता सबसे बड़ी समस्या: प्रो. शर्मा
जेएनवीयू में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
जोधपुर, 07 मार्च (हि.स.)। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन राजस्थान में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग का ऐतिहासिक अवलोकन: परम्परा से समस्या तक का उद्घाटन शनिवार को गोल्डन जुबली ऑडिटोरियम नया परिसर में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कला, शिक्षा एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. औतार लाल मीणा ने की।
इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात इतिहासकार प्रो. अमर फारूकी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। वहीं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल निदेशक घनश्याम सोनी विशेष अतिथि रूप में उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. पवन कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग आज वैश्विक स्तर पर एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे शोध और जागरूकता के माध्यम से समाज को इस समस्या के प्रति सचेत करें।
मुख्य वक्ता प्रो. अमर फारूकी ने अपने व्याख्यान में ऐतिहासिक दृष्टिकोण से मादक पदार्थों के उपयोग और उनके सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि घनश्याम सोनी ने अपने संबोधन में मादक पदार्थों की तस्करी और इसके नियंत्रण से संबंधित प्रशासनिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ही इस समस्या से प्रभावी रूप से निपटा जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. औतार लाल मीणा ने कहा कि इतिहास केवल अतीत का अध्ययन नहीं है, बल्कि वह वर्तमान सामाजिक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के मार्ग खोजने का माध्यम भी है। इस अवसर पर संगोष्ठी की आयोजन समिति की अध्यक्ष एवं इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. सुशीला शक्तावत ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
आयोजन सचिव डॉ भरत देवड़ा ने अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के विषय, आगामी तीन दिनों तक होने वाली चर्चा तथा शोध पत्रों की विषय वस्तु के बारे में विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला तथा संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन के आयोजन सह सचिव डॉ. प्रतिभा सांखला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

