दो मासूम बच्चियों का बाल विवाह रुकवाया
जयपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी जयपुर के जमवारामगढ़ क्षेत्र में देर रात प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयों की संयुक्त कार्रवाई से दो नाबालिग बच्चियों का बाल विवाह रुकवा दिया गया।
जानकारी के अनुसार पांच और आठ वर्ष की दो बच्चियों की शादी क्रमशः नौ और 11 वर्ष के बालकों से कराई जानी थी। परिजनों को आशंका थी कि प्रशासन शादी रुकवा सकता है, इसलिए निर्धारित तिथि से एक दिन पहले ही विवाह संपन्न कराने की तैयारी कर ली गई थी।
मामले की सूचना प्रयास संस्था के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन जीनवाल ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) को अवगत कराया। रालसा के सदस्य सचिव हरिओम अत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन, डीसीपीयू टीम, पुलिस और बाल संरक्षण विभाग तत्काल सक्रिय हुए।
जमवारामगढ़ न्यायिक अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण लिंक मजिस्ट्रेट हुमा कौहरी ने रात में अपने निवास स्थान पर ही बाल विवाह निषेधाज्ञा आदेश जारी किया। इसके बाद देर रात प्रशासनिक टीम जयपुर से सरजौली गांव पहुंची, जहां दोनों परिवारों को समझाइश देकर बाल विवाह रुकवाया गया।
कार्रवाई के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। प्रशासन ने दोनों पक्षों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा बाल विवाह का प्रयास किया गया तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के बाद दोनों बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से कोर्ट के आदेशानुसार उन्हें सुरक्षित बालिका गृह भेज दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

