तीन दिन में रोडवेज की दो बसों से पकड़ी 39 बेटिकट सवारियां, दो परिचालक को किया ब्लैक लिस्टेड
चित्तौड़गढ़, 23 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान रोडवेज को लगातार घाटे से उबारने की पुरजोर कोशिशें कर रही है। लेकिन चित्तौड़गढ़ में रोडवेज के कार्मिकों की लापरवाही और लालच से रोडवेज को लगातार नुकसान हो रहा है। बड़ी बात यह है कि यात्रियों से वसूली के बावजूद बिना टिकट यात्रा करवाई जा रही है। ऐसा ही दो मामले तीन दिन में सामने आए हैं। इसमें चित्तौड़गढ़ डिपो के उड़न दस्ते ने दो बसों पर औचक कार्रवाई की तो पूरे सिस्टम की पोल खुल कर सामने आ गई। एक रोडवेज बस में 23 सवारियां तो दूसरी बस में 16 सवारियां बेटिकट मिली। इस पर दोनों परिचालक को रूट ऑफ कर दिया है तथा ब्लैक लिस्टेड कर इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
चित्तौड़गढ़ रोडवेज के मुख्य प्रबंधक राकेश सारस्वत ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर चित्तौड़ आगार की और से फ्लाइंग का गठन कर बसों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को वर्कशॉप प्रभारी आनन्द प्रकाश पन्नूसा के नेतृत्व में फ्लाइंग कोटा-बेगूं रूट पर गई थी। इस टीम ने कोटा से रावतभाटा होते हुए चित्तौड़गढ़ आने वाली बस को रुकवा कर जांच की। इसमें सामने आया कि 16 सवारी बिना टिकट पकड़ी है। चित्तौड़गढ़ डीपो की इस बस पर बस सारथी कृष्णगोपाल था, जिसके 16 सवारी बिना टिकट का रिमार्क लगाया गया है। मुख्य प्रबंधक सारस्वत ने बताया कि कृष्ण गोपाल बस सारथी योजना के तहत परिचालक का कार्य कर रहा था। इसे अब ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया है। अब किसी भी डिपो में परिचालक का कार्य नहीं कर पाएगा। इसने बस सारथी योजना के तहत 20 हजार रुपए की धरोहर राशि जमा कराई थी, जिसे भी जब्त कर लिया है।
इधर, चित्तौड़ आगार की फ्लाइंग ने बेगूं रूट पर ही बस की जांच की थी। उड़नदस्ते के प्रभारी वर्कशॉप के एमओ आनन्द प्रकाश पन्नूसा के नेतृत्व में उदयपुर से बेगूं चलने वाली बस चित्तौड़ डिपो की बस को रुकवाया था। बस्सी के पास हुई जांच में बस में 48 यात्रियों में से 23 यात्री बिना टिकट पाए थे। इस पर परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई है। इस बस पर तैनात सिविल डिफेंस के परिचालक नारायण सालवी ने यात्रियों से पैसा लेने के बावजूद टिकट जारी नहीं किए थे। इस पर सभी 23 यात्रियों के खिलाफ नो टिकट रिमार्क दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद बस के परिचालक नारायण सालवी को रूट ऑफ कर दिया गया है और मुख्यालय पर रिपोर्ट भेजी गई है।
चित्तौड़ डिपो के मुख्य प्रबंधक राकेश सारस्वत ने बताया कि लगातार रोडवेज बसों में परिचालकों द्वारा की जाने वाली चोरी को रोकने के लिए जहां रोडवेज प्रबन्धन लगातार नवाचार कर रहा है वहीं राजस्थान रोडवेज के एमडी पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा नियमित चेकिंग का अभियान चलाया जा रहा है। चेकिंग प्लान के तहत तकनीकी अधिकारियों सहित प्रत्येक अधिकारी को 30 वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए गए है। लो-इनकम रूट पर लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

