जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में गूंजी कबीर मीरा की वाणी
जयपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। भक्तिकाल में समाज को समभाव के एक सूत्र में पिरोने वाले कबीर, मीरा, दादू, डूंगरपुरी आदि संतो की अमर वाणीयां जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में वाणी उत्सव के कलाकारों की सुमधुर आवाज में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के स्टेज पर गूंजी।
रूमा देवी फाउंडेशन के वाणी उत्सव 2026 की अग्रिम प्रस्तुति के तहत थार की प्रसिद्ध भजन गायिका कविता पोटलिया ने वीणा पर कबीर की रचना ऐसा ऐसा राम रस पिओ मेरे भाई से की। कबीर के शब्दो को कविता पोटलिया ने अपनी राजस्थानी सुरमयी आवाज में प्रस्तुत कर श्रोताओ को राम नाम की धुन में सम्मोहित कर दिया। उनकी अगली प्रस्तुति में मानव जीवन की चार अवस्थाओं की यथार्थता दिखाने वाले भजन जोबनीयो जातो रहयो अब आई बुढ़ापे री वार को सभी आयु वर्ग के श्रोताओ ने भरपूर सराहा। इसी तरह वाणी उत्सव के वीणा गायक गणेश कुमार बोसिया ने वारी जाऊ भजन गाकर झूमने पर मजबूर कर दिया। संगीत जाने माने संगीतकार नरसिंह बाकोलिया ने दिया।
इस अवसर पर रूमा देवी फाउंडेशन की निदेशक व सामाजिक कार्यकर्ता रूमा देवी ने वाणी उत्सव से संतो की वाणियों को जीवन में उतारने की जरूरत बताते हुए वीणा गायको को आगे आने का आह्वान किया। भजन गायिका कविता पोटलिया ने अनिल अग्रवाल फाउंडेशन का आभार जताया। इस दिव्य संगीत में लक्षित चौधरी, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की टीम, वेदांता समूह के अयोध्या प्रसाद गौङ, खुर्रम नायब, साहित्यकार निरंजन आर्य सहित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भाग ले रहे साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

